Aligarh Muslim University News : Rss की सेवा पर मिला AMU VC तारीक मंसुर को मेवा

amu vc news : Rss की सेवा पर मिला एएमयू कुलपति तारीक मंसुर को मेवा।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर AMU VC प्रोफेसर तारीख मंसुर भाजपा कोटे से बनेंगे एमएलसी MLC।

एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारीक मंसुर भाजपा द्वारा भेजा गए विधान परिषद।

2 अप्रैल 2023 को दोपहर के बाद AMU VC Professor Tariq Mansoor इस्तीफा दे दिया था जिसकी जानकारी मीडिया को आज प्राप्त कराई गई है इसके पृष्टि एएमयू रजिस्टर आईपीएस मोहम्मद इमरान ने की है। नई वाइस चांसलर के चुने जाने तक प्रोफेसर मोहम्मद गुलरेज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का कार्यभार संभालेंगे।

Professor Tariq Mansoor संघ के करीब माने जाते थे और इस बात का विरोध आए दिन कैंपस के अंदर होता रहा है। आर एस एस द्वारा आयोजित कई प्रोग्रामों में दिखाई देते थे प्रोफेसर तारीक मंसुर

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर तारीक मंसुर को एमएलसी बनाने के बाद चर्चा है कि दिल्ली के किसी बड़े आयोग का चेयरमैन बनाया जा सकता है। इतिहास में पहली बार है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का वाइस चांसलर को पहली बार यूपी विधान परिषद मैं जगह मिलेगी।

पहले भी कई बड़े पद संभाल चुके हैं AMU VC

पहले भी एएमयू के वाइस चांसलर का कार्यकाल खत्म होने पर देश के बड़े पदों पर जिम्मेदारी आयत की गई है जिसमें सबसे बड़ा नाम डॉक्टर जाकिर हुसैन का है जो वाइस चांसलर कार्यकाल पूरा करने के बाद बिहार के राज्यपाल बनाए गए और उसके बाद राष्ट्रपति बनाए गए।

नुरुल हसन एएमयू के अंदर इतिहास के प्रोफेसर थे उन्हें केंद्र में शिक्षा मंत्री बनाया गया था।

हामिद अंसारी एक ऐसा नाम जो हिंदुस्तान में किसी पहचान का मोहताज नहीं आई एफ एस हामिद अंसारी साहब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर के बाद भारत के उपराष्ट्रपति बनाए गए थे। 2017 में उनका उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा हुआ था।

आइए जानते हैं तारिक मंसूर लगातार का इतिहास

प्रोफेसर हाफिजुर रहमान के घर जन्मे 20 सितंबर 1956 को, 1978 में एएमयू के जैन मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और 1982 में एमएस कंप्लीट किया। 1980 से 1983 तक जैन मेडिकल कॉलेज में क्लीनिकल रजिस्टर के पद का कार्यभार संभाला। 1983 से 1985 तक जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के सीएमओ की जिम्मेदारी को निभाया। 1985 से 86 तक सऊदी अरबिया मेकिंग फहर्ट टीचिंग हॉस्पिटल मैं सर्जिकल स्पेशलिस्ट का काम किया। 1986 से 1993 तक जैन मेडिकल कॉलेज एएमयू में असिस्टेंट प्रोफेसर रहे, 1993 से 2001 तक एसोसिएटेड प्रोफेसर रहे साल 2002 से 2013 प्रोफेसर रहे रहे 2013 में जवाहरलाल मेडिकल कॉलेज एएमयू के प्रिंसिपल बनाए गए और 2017 मैं कुलपति बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।

अलीग बिरादरी को कुलपति के रूप में आखिरी पत्र, शुक्रिया और खेद।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिरादरी को प्रोफेसर तारीख मंसूर ने आभार जताते हुए कहा 6 साल तक संस्था को कार्यभार संभाला, 5 दशकों में छात्र, शिक्षक और कुलपति के रूप में रहने का और संस्था से जुड़े रहने का मौका मिला और सब का शुक्रिया अदा किया और उन्होंने कहा कि मैं वह वाइस चांसलर हूं सर सैयद अहमद खान का 200 साला और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का 100 साल पूरा होने के कार्यक्रमों को संभाला जिसके गवाह मौजूदा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी रहे।

कार्यकाल के दौरान किसी भी कमी के लिए, अन्य परिस्थितियों के कारण नए कुलपति के चयन की प्रक्रिया को पूरी ना करने पर भी खेद जताया।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कार्यकाल के दौरान कई बार विवादों में रहे तारीक मंसूर

AMU कुलपति बने हुए अभी साल भर भी नहीं हुए थे एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने यूनिवर्सिटी के मेन गेट बाबा सैयद पर तांडव मचाया था जब लड़कों ने उस पर विरोध किया उस दौरान प्रशासन द्वारा लाठीचार्ज की गई छात्रों का आरोप है कि उस वक्त कुलपति देखते रहें और छात्र पीटते रहे।

2019 एएमयू छात्रसंघ की यूनियन सेक्रेटरी Huzaifa Aamir Rashadi रजिस्टार ऑफिस में घुसकर विरोध करने पर गिरफ्तारी हुई थी इसका आरोप भी कुलपति तारीक मंसुर पर रहा।

15 दिसंबर 2019 की रात अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र जब बाबा सैयद गेट पर नागरिकता कानून बिल का विरोध कर रहे थे उस दौरान अलीगढ़ प्रशासन पुलिस और छात्रों में जमकर दो-दो हाथ हुआ। छात्रों ने आरोप लगाया कि कुलपति के ऊपर लगा कि उनके इशारों पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कैंपस के अंदर पुलिस दाखिल हुई थी और एक लेटर वायरल हुआ जिसमें लिखा था कि हां हमने परमिशन दिया था कि पुलिस प्रशासन कैंपस में घुसकर छात्रों पर करवाई करें जिससे छात्रों ने काफी रोष जताया और AMU वाइस चांसलर और रजिस्टर के खिलाफ काफी दिनों तक विरोध प्रदर्शन चलता रहा। तब से छात्रों का आरोप रहा है की प्रोफेसर तारीक मंसुर आरएसएस के खास आदमी है जो सब उनके इशारे पर कर रहे हैं।

हाल ही में एएमयू के कुछ छात्रों ने मीडिया के माध्यम से आरोप लगाने की कोशिश की हिंदू होने की वजह से हॉस्टल नहीं मिल रही है और इस बात पर प्रशासन ने जवाब दिया कि हॉस्टल धर्म के आधार पर नहीं बल्के seniority के आधार पर मिलता है।

हालांकि रातों-रात एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारीक मंसूर के आदेश पर छात्रों के लिए हॉस्टल का प्रबंधन किया गया हालांकि कुछ लोगों के द्वारा कहा भी गया यह क्या अब हॉस्टल धर्म के आधार पर मिलेगा और जो बच्चे धार्मिक या और हल्ला नहीं मचाएंगे तो क्या उन्हें हॉस्टल नहीं मिलेगा इस वाक्य से भी इनका नाम विवादों में रहा। बताया गया कि संघ परिवार के लोगों को खुश की जा रही है, और इस घटना के बाद एएमयू कुलपति का इधर इस्तीफा और उधर विधान परिषद में जगह।

प्रोफेसर तारीक मंसूर ने 17 मई 2017 को पांच साल की अवधि के लिए कुलपति के रूप में पदभार ग्रहण किया था. उनका कार्यकाल पिछले साल मई में समाप्त होना था लेकिन महामारी से उत्पन्न असाधारण परिस्थितियों के मद्देनजर केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया था.

एएमयू VC प्रोफेसर तारिक मंसूर राज्य विधान परिषद में राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी और राज्य हज कमेटी के अध्यक्ष मोहसिन रजा के बाद बीजेपी के तीसरे मुस्लिम सदस्य होंगे.

जानकारी के मुताबिक बता दें कि निर्वाचन अनुभाग से जारी इस अधिसूचना में कहा गया है कि राज्‍यपाल ने विधान परिषद की रिक्‍तियों में छह व्यक्तियों को उत्तर प्रदेश विधान परिषद का सदस्य मनोनीत किया है. जारी अधिसूचना के मुताबिक रजनीकांत माहेश्वरी, साकेत मिश्रा, लालजी निर्मल, तारिक मंसूर, रामसूरत राजभर और हंसराज विश्वकर्मा को मनोनीत किया गया है.

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर तारीक मंसुर भाजपा कोटे से बनें एमएलसी

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