PM Modi और हिंदूवादी संगठनों का इजरायली समर्थन वही एएमयू छात्र का फिलिस्तीन समर्थन पड़ा महंगा हुआ मुकदमा दर्ज

AMU News Aligarh आपको बता दे लगातार जिस तरह से अरब की सर जमीन पर इजरायल कब्जा करके बसा यहूदियों का देश वहां के फिलिस्तीनो पर जुल्म करना चालू कर दिया जिस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए फिलिस्तीन गवर्नमेंट हमास ने 500 मिसाइल दाग दी जो इजरायल की खुफिया एजेंसी फैलियर बताई जा रही है जिसके वजह से इसराइलियों को काफी नुकसान हुआ।

खबर के मुताबिक आशंका यह भी है कि इसराइली सरकार ने जानबूझकर भी हमला होने दिया ताकि लोगों का माहौल अपने तरफ किया जा सके क्योंकि अंदरूनी राजनीति के तौर पर वहां की सुप्रीम कोर्ट और इसराइली सरकार आमने-सामने और इसराइली सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ बिल भी पास करवा लिया की सरकार के काम में कोई सुप्रीम कोर्ट दखलंदाजी नहीं कर सके और इस बात को लेकर इजरायली जनता इसराइल सरकार के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शन कर रही थी और इसी दौरान इस तरह का अचानक से वार हो जाना कई सवाल पैदा कर रहा है।

और यह बात और भी साबित हो जाती है कि हमले के बाद तुरंत इसराइल सरकार ने कहा कि हम वार क्लियर करते हैं जिसे भारत की हिंदी टीवी मीडिया कथित तौर पर आतंकवादी हमला बता रही है उसे इजरायली सरकार वार बता रही है।

हालांकि बीते दिनों में सऊदी अरब और अरब मुल्कों से इजरायली सरकार की लगातार नजदीकी बढ़ रही थी यहां तक की सऊदी अरब इस बात पर तैयार हो गया था की फिलिस्तीनियों का मुद्दों से अलग हटके अपने व्यापार पर बात करेगा हालांकि वह इस बात को मानने से भी अब इंकार करने लग रहा था कि अरबो के देश पर अमेरिकी और ब्रिटिश गवर्नमेंट के दम पर नाजायज तरीके से बस यहूदियों का इकलौता मुल्क इजराइल किस तरह से वहां के अरबों का नुकसान कर रहा है।

हाल के ताजा हमले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर बार की तरह इस बार भी उन्होंने अपने सोच विचार का प्रतीक देते हुए अरबो के खिलाफ जाकर इसराइल के साथ खड़े दिखे।

जिस देश के प्रधानमंत्री हैं नरेंद्र मोदी वहां पर 20 करोड़ मुसलमान हैं जो लगातार फिलिस्तीन के खिलाफ इसराइलियों के जुल्म के खिलाफ बोल रहा है और हमेशा खड़ा रहता है और इस देश के अंदर यहूदी के बजाय मुस्लिम समाज के साथ हर समाज रहता है उसके बावजूद भी पीएम नरेंद्र मोदी की क्या सोच रही होगी कि उन्होंने इस तरह का फैसला लिया होगा।

हालांकि इसी बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने इसराइल के खिलाफ फिलिस्तीनियों के समर्थन में प्रोटेस्ट मार्च निकाला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के डाक पॉइंट से लेकर में गेट बाबे सैयद तक हालांकि यह धारा सेंट्रल यूनिवर्सिटी के अधीन होता है उसके बावजूद भी राज्य उत्तर प्रदेश पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ छात्रों की नाम जद कर लिए।

हाल के शहर के सांसद सतीश गौतम ने एएमयू छात्रों का विरोध किया है उन्होंने कहा है कि मेरी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों को इन सब मसलों से दूर रहना चाहिए और यह आतंकवाद का गढ़ बनते जा रहा है जो हम इसे बने नहीं देंगे और वहीं दूसरी तरफ फिलिस्तीन के खिलाफ इजरायलों द्वारा जुल्म करने वाले यहूदी देश के समर्थन में हिंदूवादी संगठनों ने प्रोटेस्ट मार्च निकाला है हालांकि उन पर कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है।

एएमयू छात्रों पर सिविल लाइन थाना ने किया मुकदमा दर्ज।

प्रकरण का संज्ञान लेते हुए क्षेत्राधिकारी द्वारा जांच कर संबंधित चौकी इंचार्ज से आख्या प्राप्त की गई, चौकी इंचार्ज एसआई अजहर हसन की आख्या पर अभियुक्तगण 1.मोहम्मद खालिद , 2.मोहम्मद आतिफ इफ्तेखार, 3.मोहम्मद नावेद व 4.कामरान के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्रवाई प्रचलित की गई। उपरोक्त प्रकरण में विधिक राय लेते हुए विवेचना के विधिवत निस्तारण हेतु आदेशित किया गया ।

हाल के पार्टी मरहूम सलीम पीरजादा की पार्टी परचम पार्टी ऑफ इंडिया PPI Aligarh ने एएमयू छात्रों को समर्थन दिया है।

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