रेलवे और बैंक का निजीकरण 5 लाख लोगों को झोंकेगा बेरोजगारी की खाई में:- वरण गांधी

उत्तरप्रदेश| पीलीभीत से भाजपा सांसद वरुण गांधी आय दिन अपनी ही पार्टी के लिए की गई आलोचनात्मक प्रतिक्रिया के लिए सुर्खियों में रहते हैं। यह किसान आंदोलन के समय से भाजपा पर तंज कसते नजर आ रहे हैं और लगातार मुद्दा का जिक्र कर के अपनी पार्टी और उसके बड़े नेताओं को घेरते हैं। अब इसी बीच इन्होंने एक बार पुनः ट्वीट कर भाजपा की निजीकरण नीति पर हमला बोला है। हालांकि इन्होंने पार्टी के किसी नेता का नाम नहीं लिया है लेकिन निजीकरण और बेरोजगारी को इंगित किया है।

इन्होंने ट्वीट कर लिखा है, केवल बैंक और रेलवे का निजीकरण ही 5 लाख कर्मचारियों को ‘जबरन सेवानिवृत्त’ यानि बेरोजगार कर देगा। समाप्त होती हर नौकरी के साथ ही समाप्त हो जाती है लाखों परिवारों की उम्मीदें सामाजिक स्तर पर आर्थिक असमानता पैदा कर एक ‘लोक कल्याणकारी सरकार’ पूंजीवाद को बढ़ावा कभी नहीं दे सकती।

वरण गांधी के इस ट्वीट से स्पष्ट है की वह मोदी की निजीकरण नीति पर सवाल कर रहे है और जनता को अवगत करा रहे हैं। यदि बैंक और रेलवे का निजीकरण कर दिया गया तो एक ही झटके में 5 लाख से अधिक लोग बेरोजगारी की खाई में गिर जाएंगे और बहुत बड़े परिवार की उम्मीदों पर इसकी गाज गिरेगी।

By. Priyanshi Singh