पश्चिम बंगाल चुनाव: भूटान से सटा आख़िरी गांव जहां न नेता पहुँचते हैं न विकास

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से क़रीब 650 किलोमीटर दूर भारत-भूटान सीमा पर बसा है उत्तरी बंगाल का आख़िरी गांव बिंदु. यहां से बहने वाली जल डाखा नदी भारत और भूटान की सीमा को परिभाषित करती है.

महज़ कुछ फ़ीट चौड़ी नदी के एक ओर भारत है और दूसरी ओर नेपाल. जब हम नदी के क़रीब पहुँचे तो एक स्थानीय निवासी ने पीछे से चिल्लाते हुए मज़ाक़ में कहा, “भाई, उस पार नहीं चले जाना, वापस बुलाने की क़ानूनी प्रक्रिया बहुत लंबी है.”

बिंदु और उसके आसपास के गांव दूसरे शहरों और गांवों से कटे हुए दिखते हैं. सिलीगुड़ी से दूरी महज़ 100 किलोमीटर है, लेकिन सड़कों की हालत बहुत ख़राब है. यहां के लोगों के मुताबिक़ सड़कें बनती तो हैं, लेकिन बारिश आते ही ख़राब हो जाती हैं.

बिंदु से क़रीब 10 किलोमीटर दूर झलॉन्ग नामक एक गांव में जब बीबीसी की टीम रुकी तो वहां के लोग हैरान रह गए.

“यहां न नेता आते हैं, न मीडिया”

गाड़ी से उतरते ही एक व्यक्ति ने कहा, “आप दिल्ली से आए हैं. ये पहली बार हुआ है कि दिल्ली के मीडिया के लोग यहां आए हैं. फ़र्स्ट टाइम. यहां कोई नहीं आता, न मीडिया वाले, न नेता, कोई नहीं.”

इसी गांव की कमला शर्मा कहती हैं, “हम बहुत ख़ुश हैं कि आप यहां आए. पहली बार.”

कमला ने बताया कि नदी के बिल्कुल पास बसे इस शहर में पानी की बहुत दिक़्क़त है.

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