Mau News: अब्बास अंसारी ने पुराने सियासी प्रतिद्वंद्वी मुनव्वर मुर्गा को बनाया प्रतिनिधि, रखी लिखित शर्त
जिस मऊ सदर सीट की सियासत में कभी आमने-सामने तलवारें खिंची थीं, उसी सियासी मैदान में अब एक ऐसा दृश्य सामने आया है, जिसने 2027 के चुनाव से पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं को गर्म कर दिया है। सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी ने अपने पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और एआईएमआईएम नेता मुनव्वर मुर्गा को अपना प्रतिनिधि बनाने की बात कही है। हालांकि, मुनव्वर मुर्गा ने इस प्रस्ताव को सिर्फ स्वीकार करने तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसके साथ अपनी राजनीतिक शर्त भी सामने रख दी है।

मुनव्वर मुर्गा ने कहा कि अगर प्रतिनिधि बनाना है, तो मौखिक नहीं, लिखित तौर पर बनाइए। यह घटनाक्रम इसलिए खास है, क्योंकि मुनव्वर मुर्गा वही नेता हैं, जो कुछ साल पहले तक चुनावी मैदान में अब्बास अंसारी और उनके पिता मुख्तार अंसारी के सीधे प्रतिद्वंद्वी रहे हैं।
2022 के विधानसभा चुनाव में मुर्गा ने पीस पार्टी के टिकट पर अब्बास के खिलाफ चुनाव लड़ा था। अब वही मुर्गा विधायक प्रतिनिधि की भूमिका में नजर आ सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि मऊ के डोमनपुरा (इस्लामाबाद) मोहल्ले में 28 सितंबर को हुए उस दर्दनाक हादसे से जुड़ती है, जिसमें शादी समारोह के लिए टेंट लगाते समय हाईटेंशन लाइन की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना के बाद विधायक अब्बास अंसारी के पीड़ित परिवारों तक देर से पहुंचने को लेकर मुनव्वर मुर्गा ने सवाल उठाया था।
मुनव्वर ने कहा था कि अगर वे विधायक होने के बाद जनता से ऐसे दूर रहेंगे और उनके सुख-दुख में शामिल होने के लिए भी समय नहीं निकाल पाएंगे, तो फिर उनके विधायक होने का क्या फायदा? जनता की समस्या कौन उठाएगा? अगर आप स्वयं नहीं उपस्थित हो पा रहे हैं, तो कम से कम एक प्रतिनिधि तो नियुक्त कर दीजिए, जो जनता के सुख-दुख में शामिल हो सके। इसी पर मुनव्वर मुर्गा ने अब्बास को घेरने का प्रयास किया था, जिस पर अब्बास अंसारी ने यह कह दिया था कि आप ही मेरे प्रतिनिधि बन जाइए। अब्बास की ओर से मुर्गा को अपना प्रतिनिधि बनाए जाने की बात सार्वजनिक होने के बाद मऊ की सियासत में इस घटनाक्रम की चर्चा स्वाभाविक रूप से तेज हो गई है।