Aligarh News: AMU राइडिंग क्लब की जमीन पर नगर निगम के दावे की निष्पक्ष जांच की मांग, PM मोदी को पत्र

AMU राइडिंग क्लब की जमीन पर नगर निगम के दावे की निष्पक्ष जांच की मांग, PM मोदी को भेजा पत्र

अलीगढ़, 23 अगस्त 2026: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के राइडिंग क्लब की भूमि को लेकर नगर निगम के दावे और हालिया कार्रवाई के बीच मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। AMU छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष और विश्वविद्यालय राइडिंग क्लब के पूर्व कैप्टन मोहम्मद नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजकर पूरे मामले की केंद्रीय स्तर पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

मोहम्मद नदीम अंसारी ने अपने पत्र में कहा है कि यह केवल जमीन का विवाद नहीं, बल्कि देश के एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की संपत्ति, उसके अधिकारों और संस्थागत स्वायत्तता से जुड़ा गंभीर मामला है। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि भूमि से संबंधित पुराने सरकारी दस्तावेजों, गजट, राजस्व अभिलेखों और दोनों पक्षों के दावों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

1925 के दस्तावेज और 1992 की खतौनी का दिया हवाला

पत्र में अंसारी ने 22 अगस्त 2026 को प्रकाशित अमर उजाला की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि राइडिंग क्लब की भूमि से जुड़े पुराने दस्तावेजों और अभिलेखों में वर्ष 1925 के आवंटन एवं गजट का संदर्भ मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट में वर्ष 1992 की खतौनी में भूमि को एएमयू के घुड़सवारी मैदान के रूप में दर्ज किए जाने की बात सामने आई है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पुराने दस्तावेजों और राजस्व अभिलेखों में भूमि का संबंध एएमयू से दर्ज है, तो नगर निगम किस दस्तावेज के आधार पर इस जमीन पर अपना अधिकार जता रहा है। उन्होंने नगर निगम से उसके दावे का कानूनी और दस्तावेजी आधार सार्वजनिक करने की मांग की है।

नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए कई सवाल

मोहम्मद नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में पूछा है कि नगर निगम ने किस आदेश के आधार पर संबंधित भूमि पर अपने बोर्ड लगाए और किस राजस्व रिकॉर्ड, शासनादेश, हस्तांतरण आदेश या अन्य वैधानिक दस्तावेज के आधार पर जमीन को अपनी संपत्ति बताया।

उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि नगर निगम का दावा सही है तो उसके दस्तावेज सामने रखे जाएं। वहीं, यदि दावा गलत पाया जाता है तो इस कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए।

जांच में इन बिंदुओं को शामिल करने की मांग

पत्र में प्रधानमंत्री से जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल करने का अनुरोध किया गया है। इनमें राइडिंग क्लब की भूमि का मूल आवंटन, वर्ष 1925 के सरकारी एवं गजट अभिलेख, पुराने और वर्तमान राजस्व रिकॉर्ड, वर्ष 1992 की खतौनी, एएमयू के पास मौजूद मूल दस्तावेज और नगर निगम के दावे का कानूनी आधार शामिल हैं।

इसके अलावा नगर निगम द्वारा लगाए गए बोर्ड के आदेश, विश्वविद्यालय की ओर से भेजे गए पत्रों एवं शिकायतों पर हुई कार्रवाई और दोनों पक्षों के दावों की वैधानिक स्थिति की भी जांच की मांग की गई है।

‘दस्तावेज और कानून के आधार पर हो फैसला’

अंसारी ने अपने पत्र में कहा है कि यदि मूल दस्तावेजों और निष्पक्ष जांच से यह प्रमाणित होता है कि भूमि एएमयू के राइडिंग क्लब के लिए आवंटित थी, तो उसे विश्वविद्यालय के अधिकार में सुरक्षित रखा जाना चाहिए और वहां राइडिंग क्लब को पुनः विकसित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस मामले में फैसला किसी पक्ष के दबाव में नहीं, बल्कि मूल दस्तावेजों, राजस्व अभिलेखों और कानून के आधार पर होना चाहिए।

प्रधानमंत्री से केंद्रीय स्तर पर जांच की मांग

मोहम्मद नदीम अंसारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लेकर स्थानीय स्तर के बजाय केंद्रीय स्तर पर स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जानी चाहिए।

यह पत्र 22 अगस्त 2026 को भेजा गया है और इसकी प्रतिलिपि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, एएमयू कुलपति, रजिस्ट्रार, अलीगढ़ मंडलायुक्त और जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।