अलीगढ़,23 अप्रैलः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को उन्नत कंपोजिट सैंडविच संरचनाओं के क्षेत्र में भारत सरकार के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एरोनॉटिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट बोर्ड (एआर एंड डीबी) द्वारा 72.68 लाख रूपये का नया शोध प्रोजेक्ट प्रदान किया गया है।

यह प्रोजेक्ट पूर्व में पूर्ण हो चके डीआरडीओ द्वारा वित्तपोषित 35.5 लाख के सफल अध्ययन के बाद मिला है, जिसमें हनीकॉम्ब कोर सैंडविच संरचनाओं में थकान (फटीग) व्यवहार का विश्लेषण किया गया था। यह अध्ययन जेडएचसीईटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. अजहर जमील (प्रधान अन्वेषक) और डॉ. एस. एम. याहिया (सह–अन्वेषक) के निर्देशन में किया गया था।
इस शोध से एयरोस्पेस घटकों में दरारों की वृद्धि और संरचनात्मक विश्वसनीयता की बेहतर समझ विकसित हुई, जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और नासा लैंगली रिसर्च सेंटर द्वारा उद्धृत भी किया गया।
इस शोध के परिणामों के आधार पर डीआरडीओ विशेषज्ञ समिति ने उन्नत अनुप्रयोगों के लिए अध्ययन को आगे बढ़ाने की सिफारिश की। इसके तहत “जीएफआरपी स्किन के साथ पीवीसी और सिंटैक्टिक फोम कोर सैंडविच संरचनाओं का फ्रैक्चर कैरेक्टराइजेशन” शीर्षक से नया प्रोजेक्ट स्वीकृत किया गया है।
इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व डॉ. अजहर जमील (प्रधान अन्वेषक) करेंगे, जबकि डॉ. यासिर रफत सह–प्रधान अन्वेषक होंगे। यह शोध एयरोस्पेस और रक्षा प्रणालियों में उपयोग होने वाली अगली पीढ़ी की कंपोजिट सामग्री के फ्रैक्चर व्यवहार पर केंद्रित होगा। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह अध्ययन संरचनात्मक प्रदर्शन की प्रमुख चुनौतियों का समाधान करेगा और हल्की व उच्च प्रदर्शन वाली एयरोस्ट्रक्चर के विकास में योगदान देगा।