AMU Controversy: Research Scholar Nadeem Ansari ने Proctor Naved Khan पर लगाए गंभीर आरोप, SSP को भेजा प्रार्थना पत्र
AMU Controversy: Nadeem Ansari ने Proctor Naved Khan पर लगाए गंभीर आरोप, FIR की मांग
अलीगढ़ | 17 अप्रैल 2026 अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में एक नया विवाद सामने आया है। यूनिवर्सिटी के रिसर्च स्कॉलर Mohd Nadeem Ansari ने प्रॉक्टर Naved Khan पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग की है।

मामले को लेकर Nadeem Ansari ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अलीगढ़ को प्रार्थना पत्र भेजा है, जिसमें कई आरोपों का उल्लेख किया गया है।
क्या हैं पूरे आरोप?
प्रार्थना पत्र के अनुसार, Nadeem Ansari ने आरोप लगाया है कि:
उन्हें झूठे आपराधिक मामले में फंसाने की कोशिश की गई.
मानसिक उत्पीड़न और धमकी दी गई
उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ
उन्होंने अपने आवेदन में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 का हवाला दिया है।
6 अप्रैल की घटना का जिक्र
दस्तावेजों के अनुसार, 6 अप्रैल 2026 को एक विवाद के दौरान:
प्रार्थी मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव की कोशिश की
आरोप है कि उसी घटना को आधार बनाकर बाद में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया
प्रार्थी का दावा है कि यह विवाद मूल रूप से निजी स्तर (लेन-देन) का था।
सोशल मीडिया पर भी उठाया मुद्दा
Nadeem Ansari ने सोशल मीडिया पर भी अपनी बात रखते हुए आरोप लगाया कि उनके खिलाफ बिरादरी आधारित टिप्पणी की गई।
उन्होंने कहा कि इस तरह की सोच सामाजिक समानता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
स्वास्थ्य स्थिति का भी जिक्र
प्रार्थना पत्र में यह भी बताया गया है कि:
प्रार्थी पहले एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हो चुके हैं
उनका इलाज जारी है
मानसिक तनाव उनकी स्थिति को और बिगाड़ सकता है
इसके समर्थन में मेडिकल दस्तावेजों का भी जिक्र किया गया है।
SSP को भेजे गए दस्तावेज
मामले से जुड़े दस्तावेज SSP अलीगढ़ को कूरियर के माध्यम से भेजे गए हैं, जिसकी रसीद भी सामने आई है।
कूरियर में SSP कार्यालय, सिविल लाइन अलीगढ़ का पता दर्ज है।
क्या हैं मुख्य मांगें?
प्रार्थना पत्र में निम्न मांगें की गई हैं:
कथित झूठी FIR की निष्पक्ष जांच
संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई
प्रार्थी को मानसिक उत्पीड़न से सुरक्षा
साक्ष्यों को जांच में शामिल किया जाए
प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में अभी तक AMU प्रशासन या प्रॉक्टर की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
मामले को लेकर विश्वविद्यालय और स्थानीय स्तर पर चर्चा जारी है।