AMU Daily Wagers Salary 2026 मिलेंगी बढ़ी हुई दरें, आदेश जारी सहायक श्रम आयुक्त डॉ. दक्षिता गड़वाल की भूमिका अहम

AMU के दैनिक वेतनभोगियों के लिए बड़ी खबर: 1 नवंबर से मिलेंगी बढ़ी हुई दरें, आदेश जारी

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने दैनिक वेतनभोगी और उनके समकक्ष वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए संशोधित दरों को मंजूरी दी। कुशल कर्मचारियों को ₹933, अर्धकुशल को ₹794 और अकुशल कर्मचारियों को ₹704 प्रतिदिन मिलेंगे। साहिल अमीर ने इसे कर्मचारियों के लंबे संघर्ष की बड़ी कामयाबी बताया।

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने केंद्रीय न्यूनतम वेतन दरों के अनुरूप दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगियों के समकक्ष वेतन पाने वाले निश्चित वेतन के कर्मचारियों के लिए संशोधित दरों को मंजूरी देते हुए कार्यालय ज्ञापन जारी किया है। यह व्यवस्था 1 नवंबर 2026 से लागू होगी।

AMU के रजिस्ट्रार कार्यालय के प्रशासन अनुभाग (गैर-शिक्षण) की ओर से 21 अक्टूबर 2026 को जारी कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, यह निर्णय सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), झांसी के निर्देशों और 10 अक्टूबर को AMU अधिकारियों के साथ हुई बैठक में लिए गए फैसलों के आधार पर किया गया है। आदेश में श्रम ब्यूरो, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की 30 सितंबर 2026 की अधिसूचना का भी उल्लेख है।

तीन श्रेणियों में निर्धारित हुईं नई वेतन दरें

AMU के आधिकारिक आदेश में दैनिक वेतन की दरें इस प्रकार निर्धारित की गई हैं:

कर्मचारी श्रेणी प्रतिदिन की वेतन दर
दैनिक वेतनभोगी (लिपिकीय/कुशल) ₹933
दैनिक वेतनभोगी (अर्धकुशल) ₹794
दैनिक वेतनभोगी (अकुशल) ₹704

ये दरें आदेश में उल्लिखित संबंधित श्रेणियों और दैनिक वेतनभोगियों के समकक्ष निश्चित वेतन पाने वाले कर्मचारियों पर लागू होंगी। ज्ञापन के अनुसार, जिन कार्यालयों और विभागों के रिवॉल्विंग फंड की वित्तीय स्थिति समान नहीं है, वहां विभागाध्यक्षों और संबंधित प्रमुखों को केंद्रीय वेतन दरों के भुगतान के लिए व्यवस्था विकसित करने की अनुमति दी गई है।


बिल और भुगतान की प्रक्रिया पर भी निर्देश

कार्यालय ज्ञापन में कहा गया है कि सभी विभागाध्यक्षों और संबंधित प्रमुखों को महीने के अंतिम दिन वेतन संबंधी बिल और उपस्थिति विवरण वित्त कार्यालय में जमा करना होगा। वेतन का भुगतान महीने की 7 तारीख को या उससे पहले सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

आदेश में आवश्यक वैधानिक अंशदान, जैसे ईपीएफ और ईएसआई, की गणना तथा संबंधित नियमों के अनुपालन में वित्त कार्यालय से सहयोग करने को भी कहा गया है। वित्त अधिकारी को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतन पर्चे जारी करना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

साहिल अमीर ने बताया सामूहिक संघर्ष की जीत

इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए साहिल अमीर ने इसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लंबे समय से चले आ रहे प्रयासों, संघर्ष और एकजुटता की बड़ी कामयाबी बताया। उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि सभी संघर्षशील कर्मचारियों की सामूहिक जीत है।

साहिल अमीर ने अपनी टीम के साथियों को बधाई और धन्यवाद देते हुए कहा कि सभी ने लगन, ईमानदारी और एकजुटता के साथ इस प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने सहायक श्रम आयुक्त (केंद्रीय), झांसी, डॉ. दक्षिता गड़वाल के प्रति भी आभार व्यक्त किया और मामले में उनकी भूमिका तथा सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।

नियमितीकरण और नौकरी की सुरक्षा की मांग आगे भी जारी रहेगी

साहिल अमीर ने कहा कि यह उपलब्धि कर्मचारियों को अपने जायज़ अधिकारों, नियमितीकरण, नौकरी की सुरक्षा और बेहतर भविष्य के लिए आगे भी एकजुट होकर प्रयास करते रहने की प्रेरणा देती है।

उन्होंने कर्मचारियों को बधाई देते हुए एकता और धैर्य बनाए रखने की अपील की। उनके संदेश का सार था—एकता कर्मचारियों की ताकत है और अधिकारों की प्राप्ति उनका लक्ष्य।