AMU News: SPG Director Alok Sharma ने कहा- Practical Knowledge के बिना अधूरी है Engineering

एसपीजी निदेशक आलोक शर्मा ने एएमयू इंजीनियरिंग छात्रों से व्यावहारिक ज्ञान पर जोर देने का आह्वान किया

Amu News अलीगढ़, पुलिस महानिदेशक एवं निदेशक एसपीजी आलोक शर्मा, भारत सरकार तथा जाकिर हुसैन कालिज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालोजी के विशिष्ट पूर्व छात्र ने एएमयू के इंजीनियरिंग छात्रों से अपने विषयों के व्यावहारिक एवं अनुप्रयुक्त ज्ञान से स्वयं को सुसज्जित करने तथा अपने मूल पेशेवर क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का आह्वान किया।

वे जाकिर हुसैन कालिज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालोजी द्वारा आयोजित प्रोजेक्ट एक्सपो 2025-26 के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस प्रदर्शनी में विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों के छात्रों द्वारा तैयार नवाचारपूर्ण परियोजनाओं एवं तकनीकी उत्कृष्टता का प्रदर्शन किया गया।

अपने संबोधन में आलोक शर्मा ने इंजीनियरिंग को अनुप्रयुक्त विज्ञान बताते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा का उद्देश्य वास्तविक समस्याओं का समाधान तथा तकनीकी प्रगति एवं राष्ट्र निर्माण में योगदान होना चाहिए। छात्रों द्वारा प्रदर्शित नवाचारपूर्ण परियोजनाओं की सराहना करते हुए उन्होंने छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ व्यावहारिक उपयोग एवं उद्योगोन्मुख कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

मानद् अतिथि, ताला नगरी इंडस्ट्रीयल डवलपमेंट एसोसिएशन के महासचिव इंजी. सुनील दत्ता ने शिक्षा जगत एवं उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने अल्पकालिक व्यावसायिक पाठ्यक्रमों एवं कॉल सेंटरों की स्थापना का सुझाव देते हुए कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को लर्निंग सेंटर से अर्निंग सेंटर में परिवर्तित किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि तकनीकी नवाचार एवं कौशल आधारित विकास के माध्यम से अलीगढ़ भविष्य में ताला नगरी से टेक नगरी के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने नवाचार, शोध संस्कृति एवं अंतर्विषयक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए आयोजकों एवं प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से छात्रों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्राप्त होता है।

कार्यवाहक अधिष्ठाता, इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संकाय, प्रो. मोहम्मद हसन ने कहा कि इस प्रकार की शैक्षणिक पहल छात्रों को नवाचारपूर्ण विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने का अवसर प्रदान करती हैं तथा संस्थान में शोध, सृजनात्मकता एवं तकनीकी उत्कृष्टता की संस्कृति को विकसित करती हैं।

जेडएचसीईटी के प्राचार्य प्रो. मोहम्मद मुजम्मिल ने कहा कि इस एक्सपो का उद्देश्य छात्रों को अपने विचारों, व्यावहारिक ज्ञान एवं इंजीनियरिंग क्षमताओं को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन कक्षा शिक्षण एवं उद्योग तथा समाज के समक्ष मौजूद तकनीकी चुनौतियों के बीच की दूरी को कम करने में सहायक होते हैं।

प्रदर्शनी में मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर तथा पेट्रोलियम स्टडीज विभागों की परियोजनाएँ प्रदर्शित की गईं। इन परियोजनाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नवीकरणीय ऊर्जा, रोबोटिक्स, ऑटोमेशन, स्मार्ट टेक्नोलॉजी, सतत विकास एवं औद्योगिक अनुप्रयोग जैसे समकालीन विषयों पर विशेष ध्यान दिया गया।

इस अवसर पर शैक्षणिक उपलब्धियों, शोध, प्लेसमेंट एवं उच्च शिक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया। प्रमुख उपलब्धियों में इरशाद अहमद को ब्लैक बाक्स एआई में 3.3 करोड़ रुपये वार्षिक पैकेज पर चयनित होने के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रतिष्ठित इंटर्नशिप, गेट परीक्षा प्रदर्शन, शोध प्रकाशन, सम्मेलन प्रस्तुतियों एवं उच्च शिक्षा में चयनित छात्रों को भी सम्मानित किया गया।

प्रोजेक्ट एक्सपो के दौरान प्रतिस्पर्धात्मक परियोजना प्रस्तुतियों के परिणाम भी घोषित किए गए। कंप्यूटर इंजीनियरिंग में मोहम्मद सुहैल एवं फरान इमाम की टीम तथा मोहम्मद फैज उमर एवं नितीश मुद्गल की टीम को संयुक्त रूप से प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि शाहवेज इस्लाम एवं बाकर हसन की टीम ने द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया।

इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में अहमद इलियास एवं उमर अली खान की टीम ने प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि विकास विश्वकर्मा एवं आतिफ आफताब की टीम को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। यशरा मलिक एवं नेहा बानो की टीम को तृतीय पुरस्कार मिला।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग में अफ्फान खान एवं सैफ शकील की टीम ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि अरबाज राशिद, शेख नूरुल . उस्मानी एवं मोबाशिर रजा की टीम तथा मुहम्मद हसन, एमडी शफातुल्लाह एवं मोहम्मद कासिम की टीम ने संयुक्त रूप से द्वितीय पुरस्कार हासिल किया। सादातुल हसन एवं दीपांश गुप्ता की टीम को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

सिविल इंजीनियरिंग में शैलेन्द्र कुमार एवं साहिल वर्मा की टीम ने प्रथम पुरस्कार जीता, जबकि मोहम्मद फराज खान एवं एमडी अरमान आलम की टीम को द्वितीय पुरस्कार मिला। तृतीय पुरस्कार सादुल हक एवं खालिद खान की टीम तथा मरियम मलिक एवं दिव्य प्रताप पुंधीर की टीम को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में सिदरा सुहैल को प्रथम पुरस्कार मिला, जबकि मोहम्मद फहाद, यश शुक्ला, जैद अहमद खान एवं मोहम्मद हमजा की टीम को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। समीहा निसा हल्दर, मोनिबा सुल्ताना, मुर्तजा एवं आसिफ अकबर की टीम ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस श्रेणी में सैयद फवाज अयाजी एवं नौशीन परवीन को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि अमीना अहमद एवं फौजिया खान की टीम तथा मोहम्मद अरक़म एवं मोहम्मद हसन की टीम ने संयुक्त रूप से द्वितीय पुरस्कार हासिल किया। सैयद मोहम्मद ताशिफ एवं अब्दुल हादी जीशान की टीम को तृतीय पुरस्कार मिला।

पेट्रोलियम स्टडीज परियोजनाओं में मोहम्मद अनस अदनान, बिट्टू कुमार चैहान, तबरेज आलम एवं शाहरुख सैफी की टीम को प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया। मुहम्मद अराफात इकबाल, मीर मोहम्मद अब्दुल्ला एवं मुहम्मद हुसैन की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि आलिया रहमान, उमैर अली खान, शहजेब खान एवं मोहम्मद फराज सिद्दीकी की टीम को तृतीय पुरस्कार मिला।

केमिकल इंजीनियरिंग में ओजाम अहमद सिद्दीकी, अयान अहमद एवं अनस इक़बाल की टीम ने शीर्ष पुरस्कार प्राप्त किया। द्वितीय पुरस्कार सोहैबुल्लाह नज्मी, ऋचा चैधरी एवं नबील शेरवानी की टीम तथा मोहम्मद असब, अजय सिंह राठौर एवं सुहैल अब्बास की टीम को संयुक्त रूप से प्रदान किया गया।

फूड टेक्नोलॉजी में सैयद हैदर अब्बास, जैद अहमद एवं सैयद अहमद अब्दुल्ला की टीम ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि अरीबा चांद, मोहम्मद साहिल खान एवं मुहम्मद कैफ सिद्दीकी की टीम को द्वितीय पुरस्कार मिला। विवेक कुमार, दिग्विजय सिंह चैहान एवं मोहम्मद सैफ अली की टीम को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

आर्किटेक्चर विभाग में मुजस्सिम अहमद भाटी ने प्रथम पुरस्कार प्राप्त किया, जबकि शीतल वार्ष्णेय को द्वितीय पुरस्कार और अब्दुल हन्नान सुभानी को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।

प्रोजेक्ट एक्सपो की प्रभारी डॉ. मुईना अथर ने छात्रों के उत्साह एवं नवाचारपूर्ण सोच की सराहना करते हुए कहा कि यह आयोजन युवा इंजीनियरों को अपनी रचनात्मकता, तकनीकी ज्ञान एवं समस्या समाधान क्षमता प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच प्रदान करता है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए प्रतिभागी छात्रों, संकाय समन्वयकों एवं स्वयंसेवकों को बधाई दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अली इमरान ने किया।