AMU में सरकारी कार्यक्रम से पहले छात्रों ने जताई थी आशंका, बाद में लगे धार्मिक नारों पर छिड़ी बहस
Aligarh News। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित उत्तर प्रदेश सरकार के “मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी” कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। कार्यक्रम से पहले ही विश्वविद्यालय के छात्रों ने कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपकर परिसर में किसी भी प्रकार की राजनीतिक एवं धार्मिक गतिविधियों पर आपत्ति जताई थी। वहीं कार्यक्रम के दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाए जाने के वीडियो सामने आने के बाद बहस और तेज हो गई है।

12 जून को छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रॉक्टर कार्यालय पहुंचकर कुलपति के नाम ज्ञापन सौंपा। छात्रों ने कहा कि एएमयू देश का एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान है और इसकी तटस्थता, गरिमा तथा अकादमिक माहौल को हर हाल में बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में किसी भी प्रकार की राजनीतिक एवं धार्मिक गतिविधियों का विरोध दर्ज कराया।
AMU में सरकारी कार्यक्रम से पहले छात्रों ने जताई थी आशंका, धार्मिक नारों के बाद छिड़ी बहस
इस पर प्रॉक्टर प्रो. नवेद खान ने छात्रों को आश्वस्त किया कि संबंधित कार्यक्रम किसी राजनीतिक दल का नहीं, बल्कि किसानों एवं औद्योगिक विकास से जुड़ा एक शासकीय कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि, राजनीतिक प्रचार अथवा किसी राजनीतिक दल की भागीदारी नहीं होगी। साथ ही यह भी भरोसा दिलाया गया कि विश्वविद्यालय परिसर में किसी राजनीतिक कार्यक्रम की अनुमति नहीं दी जाएगी तथा एएमयू की गरिमा, तटस्थता और अकादमिक वातावरण को बनाए रखा जाएगा।
इसी दिन उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान विभाग द्वारा कैनेडी ऑडिटोरियम में “मंडलीय औद्यानिक उन्नयन गोष्ठी” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात दिनेश प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान लगभग 44 करोड़ 34 लाख रुपये की लागत से 70 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। विभिन्न जनपदों के 15 प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों तथा करीब 2000 किसानों ने भाग लिया।
हालांकि कार्यक्रम के दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘हर हर महादेव’ के नारे लगाए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद नया विवाद खड़ा हो गया। कई छात्र और पूर्व छात्र सवाल उठा रहे हैं कि जिस मुद्दे को लेकर छात्रों ने पहले ही ज्ञापन दिया था, क्या वही आशंका कार्यक्रम के दौरान सामने आ गई?
गौरतलब है कि उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार यह कार्यक्रम अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के उद्यान विभाग का शासकीय कार्यक्रम था, जिसे एएमयू के कैनेडी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था। इसके बावजूद कार्यक्रम के दौरान लगे नारों को लेकर विश्वविद्यालय समुदाय और सोशल मीडिया में बहस जारी है।
अब निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं कि इस पूरे विवाद पर उनका क्या पक्ष सामने आता है।
प्रो. बशीर खान IGNOU के Ex Pro Vice-Chancellor हैं, और 1960 के दशक में AMUSU (अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स यूनियन) के अध्यक्ष रह चुके हैं, तथा उन्होंने VC के इस्तीफे की मांग की है.