AMU ने यासिर फहद का निलंबन रद्द किया, छात्रसंघ चुनाव की मांग पर बैठे थे धरने पर

AMU छात्र यासिर फहद का निलंबन रद्द, छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे

अलीगढ़, 21 अक्टूबर 2026। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) प्रशासन ने एमए उर्दू के छात्र यासिर फहद का निलंबन निरस्त कर दिया है। यासिर छात्रसंघ चुनाव कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे थे। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से चुनाव कराने की घोषणा के साथ उनका निलंबन वापस लेने का आश्वासन भी दिया गया था।

14 सितंबर को किया गया था निलंबित

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, यासिर फहद एसएस नॉर्थ हॉल के छात्र हैं। उन्हें 14 सितंबर को डक प्वाइंट से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकालने और विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने के आरोप में निलंबित किया गया था।

उन पर करीब 10 अन्य लोगों के साथ बाब-ए-सैयद के मुख्य प्रवेश द्वार पर अवरोध पैदा करने का भी आरोप लगाया गया था। इस मामले में दिए गए ज्ञापन में इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देशों के उल्लंघन, विश्वविद्यालय पदाधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक नारेबाजी और छात्राओं से जुड़े मामलों में भ्रामक दावे करने के आरोप भी शामिल थे। निलंबन के बाद यासिर ने अपनी मांगों को लेकर अनशन शुरू कर दिया था।

प्रॉक्टर ने की निलंबन रद्द होने की पुष्टि

विश्वविद्यालय के प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नफीस अहमद अंसारी ने यासिर फहद का निलंबन निरस्त किए जाने की पुष्टि की। यह फैसला ऐसे समय आया है, जब AMU में छात्रसंघ चुनाव को लेकर गतिविधियां तेज हैं।

छात्रसंघ चुनाव की तारीख बदलने की भी मांग

इस बीच, छात्रसंघ चुनाव की तारीखों में बदलाव की मांग भी उठी है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के पूर्व प्रदेश मंत्री बल्देव चौधरी ‘सीटू’ ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर चुनाव कार्यक्रम पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया है।

उनका कहना है कि दीपावली और धनतेरस के आसपास चुनाव होने से बड़ी संख्या में हिंदू छात्र-छात्राओं की भागीदारी प्रभावित हो सकती है, क्योंकि त्योहारों के दौरान कई विद्यार्थी घर चले जाते हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय में लगभग 4,500 हिंदू विद्यार्थियों के अध्ययनरत होने का उल्लेख करते हुए मतदान से वंचित रहने की आशंका जताई है।

AMU में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया और तारीखों को लेकर आगे विश्वविद्यालय प्रशासन का रुख महत्वपूर्ण रहेगा।