Houthi Drone Mecca: मक्का की ओर बढ़ रहा ड्रोन सऊदी डिफेंस ने मार गिराया,1979 की घटना फिर चर्चा में

Saudi Arabia News: मक्का की ओर बढ़ रहा Houthi ड्रोन सऊदी डिफेंस ने मार गिराया, जारी हुआ Security Alert

सऊदी अरब ने दावा किया है कि मक्का की ओर बढ़ रहे Houthi ड्रोन को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले intercept कर नष्ट कर दिया। घटना के बाद मक्का में कुछ समय के लिए Security Alert जारी किया गया।

मक्का के पास ड्रोन को किया गया इंटरसेप्ट

Saudi-led coalition के प्रवक्ता तुर्की अल-मलिकी के मुताबिक, मंगलवार शाम Royal Saudi Air Defence Forces ने एक hostile drone को रोका। सऊदी अधिकारियों ने कहा कि मक्का और दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा उनके लिए बेहद संवेदनशील मुद्दा है।

घटना के बाद मक्का में सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया, जिसे कुछ मिनट बाद हटा लिया गया। Taif और Jeddah में भी इसी दौरान अलर्ट सक्रिय किया गया था।

Houthis ने मक्का को निशाना बनाने से किया इनकार

दूसरी ओर, Houthis ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी दावे को खारिज किया है। Houthi सैन्य सूत्र ने कहा कि यमन से मक्का या किसी अन्य इस्लामी पवित्र स्थल के खिलाफ कोई खतरा नहीं है और ऐसे दावों को गलत सूचना बताया।

The Guardian के अनुसार भी Houthi प्रवक्ता ने मक्का को निशाना बनाने के आरोप से इनकार किया है।

सऊदी-हूती संघर्ष फिर हुआ तेज

सऊदी अरब और Houthis के बीच 2015 से चला आ रहा संघर्ष पिछले कुछ समय से फिर तेज हुआ है। हाल के दिनों में सऊदी क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ी हैं। सऊदी गठबंधन ने कहा है कि वह अपने शहरी इलाकों पर हुए हमलों का जवाब देगा।

मक्का में सुरक्षा अलर्ट इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह करीब एक दशक में पहली बार इस तरह का अलर्ट बताया गया है। शहर में Kaaba और Masjid al-Haram स्थित हैं और सालभर बड़ी संख्या में Umrah pilgrims यहां पहुंचते हैं।

Pakistan और OIC की प्रतिक्रिया

The Guardian की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घटना की निंदा की और कहा कि पाकिस्तान सऊदी अरब के साथ खड़ा है। Organisation of Islamic Cooperation (OIC) ने भी घटना की निंदा की और इसे मक्का से जुड़ा गंभीर मामला बताया।

ध्यान देने वाली बात

सऊदी अरब का कहना है कि ड्रोन मक्का की ओर बढ़ रहा था, जबकि Houthis ने मक्का को निशाना बनाने से साफ इनकार किया है। इसलिए इस हिस्से को रिपोर्ट करते समय दोनों पक्षों के दावों को अलग-अलग रखना जरूरी है।

Mecca Pact पर अब सबकी नजर

मक्का के पास ड्रोन इंटरसेप्ट किए जाने की घटना के बाद Saudi Arabia, Pakistan और Turkey के बीच बने Mecca Joint Defence Agreement की भूमिका पर भी नजर रहेगी। इस समझौते में किसी एक सदस्य पर हमला होने की स्थिति में उसे सभी पर हमला माना गया है, हालांकि रिपोर्ट के मुताबिक यह pact अभी पूरी तरह operational नहीं हुआ है और इसे institutionalise करने की प्रक्रिया जारी है।

1979 की मक्का मस्जिद घटना फिर चर्चा में

मक्का की सुरक्षा को लेकर जारी मौजूदा अलर्ट ने 1979 की उस भयावह घटना की याद भी ताजा कर दी, जब हथियारबंद एक सलाफी समूह ने मस्जिद अल-हराम पर कब्जा कर लिया था। 20 नवंबर 1979 को शुरू हुआ यह संकट करीब दो सप्ताह तक चला और 4 दिसंबर को समाप्त हुआ।

उस समय जुहेमान अल-ओतायबी के नेतृत्व में करीब 200 हथियारबंद लोगों ने मस्जिद में घुसकर अपने साथ मौजूद मोहम्मद अब्दुल्ला अल-कहतानी को माहदी घोषित किया था। हमलावरों ने कई लोगों को बंधक बनाया और मीनारों पर हथियारबंद लड़ाके तैनात कर दिए।

सऊदी सुरक्षा बलों ने मस्जिद को वापस अपने नियंत्रण में लेने के लिए बड़ा अभियान चलाया। लड़ाई में भारी नुकसान हुआ और अंततः बचे हुए हमलावरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। जुहेमान समेत 63 लोगों को बाद में फांसी दी गई। इस पूरे संघर्ष में सैकड़ों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की बात BBC की रिपोर्ट में दी गई है।

आज के घटनाक्रम से इसका सीधा संबंध नहीं है, लेकिन मक्का की सुरक्षा को लेकर 1979 की घटना इसलिए फिर याद की जा रही है क्योंकि मस्जिद अल-हराम इस्लाम का सबसे पवित्र स्थल है और यहां किसी भी सुरक्षा खतरे का महत्व बेहद बड़ा माना जाता है।

इसके बाद खबर की सबसे आखिरी लाइन में वही Mecca Pact वाला पैराग्राफ रखें जो हमने पहले बनाया था।