Jamia Violence: JMI में तोड़फोड़, Gate 4C और CCTV को नुकसान का आरोप

27 अक्टूबर की रात जामिया मिल्लिया इस्लामिया में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़

Jamia Violence: 27 अक्टूबर की रात कैंपस में तोड़फोड़, Gate 4C और CCTV सिस्टम को नुकसान का JMI का आरोप

नई दिल्ली, 28 अक्टूबर, 2026 जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) 27 अक्टूबर की रात हुई व्यापक तोड़फोड़, विश्वविद्यालय की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और सुरक्षा में गंभीर चुनौती की घटनाओं पर गहरा आघात, निराशा और चिंता व्यक्त करता है।

विश्वविद्यालय की दीवारों पर हमले की सूचना मिलने पर, प्रॉक्टोरियल टीम और जेएमआई के शिक्षक तुरंत कैंपस पहुँचे। वहाँ उन्होंने देखा कि प्रदर्शनकारी छात्रों और स्थानीय लोगों के समूहों ने विश्वविद्यालय के गेटों और दीवारों में तोड़फोड़ की है, गेट नंबर 4 C को गिरा दिया है, पत्थर फेंके हैं, और CCTV कंट्रोल रूम तथा कैमरों को नुकसान पहुँचाकर उनके कनेक्शन काट दिए हैं। बताया जा रहा है कि नकाबपोश प्रदर्शनकारियों का एक समूह और अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय के लड़कों के हॉस्टल  तक भी पहुँच गया था।

प्रदर्शनकारी छात्रों द्वारा ही पोस्ट किए गए वीडियो, जिनमें विश्वविद्यालय की संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाते हुए देखा जा सकता है, सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहे हैं। इससे विश्वविद्यालय समुदाय के लोग बेहद परेशान और आक्रोशित हैं।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि एक तरफ तो प्रदर्शनकारी छात्र समिति के सदस्यों और जेएमआई के शिक्षकों के साथ बातचीत कर रहे थे (कल शाम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बातचीत का यह 7वाँ प्रयास था), और ठीक उसके कुछ ही समय बाद कैंपस में तोड़फोड़ शुरू हो गई। यह भी बेहद निंदनीय है कि जब महिला फैकल्टी सदस्यों, वार्डन और प्रोवोस्ट ने महिला प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, तो उन्हें धमकियाँ दी गईं। ऐसा व्यवहार न केवल अस्वीकार्य है, बल्कि यह बातचीत और शांतिपूर्ण विरोध की मूल भावना के भी खिलाफ है।

Jamia Millia Islamia campus vandalism allegations following the incident on 27 October 2026

बीती रात की ये घटनाएँ पिछले एक हफ्ते से लगातार हो रही उन घटनाओं के बाद हुई हैं, जिनमें विश्वविद्यालय के गेटों और चारदीवारी पर चढ़ने, उन्हें नुकसान पहुँचाने और तोड़ने की कोशिशें की गई थीं। हालाँकि, 27 अक्टूबर की रात जिस बड़े पैमाने, तेजी और तीव्रता के साथ तोड़फोड़ की गई है, उसने गंभीर चिंताएँ पैदा कर दी हैं। वीडियो, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया पोस्ट से पता चलता है कि विश्वविद्यालय के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए लोहे की मोटी छड़ों, हथौड़ों और अन्य औजारों का इस्तेमाल किया गया। यह सब तब हुआ, जब 24 अक्टूबर 2026 को जारी सूचना के अनुसार विश्वविद्यालय पहले ही ऑनलाइन मोड में शिफ्ट हो चुका था।

तोड़फोड़ की इन तस्वीरों को देखकर, शिक्षण और गैर-शिक्षण स्टाफ के सदस्यों ने रात भर हुई इन घटनाओं पर गहरा दुख और निराशा जताई है। तोड़फोड़ की इन घटनाओं ने छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण स्टाफ की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। परिसर में एक सुरक्षित माहौल बनाए रखने के लिए विश्वविद्यालय का बुनियादी ढांचा, कक्षाएं, प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, सुरक्षा प्रणालियां, और आने-जाने के रास्ते बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन सुविधाओं को कोई भी नुकसान न केवल भारी वित्तीय नुकसान का कारण बनता है, बल्कि पूरे विश्वविद्यालय समुदाय की भलाई और सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।

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