Makkah Drone Attack: Pakistan-Turkey क्या करेंगे? Makkah Defence Pact की पहली बड़ी परीक्षा

Makkah Drone Attack: पाकिस्तान-तुर्की के सामने पहली बड़ी परीक्षा, क्या काम आएगा Makkah Defence Pact?

Makkah Drone Attack: Saudi Arabia ने दावा किया है कि Yemen के Houthi समूह की ओर से भेजे गए एक drone को मंगलवार शाम Makkah के दक्षिण में Saudi air defence ने intercept करके नष्ट कर दिया। Saudi-led coalition के मुताबिक drone restricted airspace में दाखिल होने से पहले ही गिरा दिया गया। Houthis ने हालांकि Makkah को निशाना बनाने की बात से इनकार किया है।

घटना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सिर्फ एक महीने पहले Saudi Arabia, Pakistan और Türkiye ने Makkah में एक Joint Defence Agreement पर हस्ताक्षर किए थे। अब इस घटना के बाद सवाल उठ रहा है कि इस नए defence pact की वास्तविक भूमिका क्या होगी।

Saudi Arabia ने क्या कहा?

Saudi-led coalition के spokesperson Turki al-Maliki ने कहा कि Saudi air defence ने drone को Makkah के prohibited airspace में पहुंचने से पहले intercept किया।

Saudi पक्ष ने इसे Holy Mosques की security के लिए गंभीर खतरा बताया और कहा कि Makkah और दोनों पवित्र मस्जिदों की सुरक्षा “red line” है। Saudi authorities के अनुसार यह 2017 के बाद Makkah को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश थी।

दूसरी तरफ Houthi leadership ने Saudi आरोप को खारिज किया है और कहा है कि उनका Makkah या किसी Islamic holy site को निशाना बनाने का इरादा नहीं था।

पाकिस्तान ने क्या कहा?

Pakistan के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने attempted drone attack की कड़ी निंदा की और कहा कि Pakistan Saudi Arabia की sovereignty और Haramain Sharifain की security के लिए उसके साथ खड़ा है।

लेकिन इसी बयान में Sharif ने सभी पक्षों से maximum restraint और dialogue की अपील भी की। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आगे escalation रोकने के लिए diplomacy ही रास्ता है।

Pakistan के Deputy PM और Foreign Minister Ishaq Dar ने भी घटना को Saudi sovereignty के खिलाफ बताया और Two Holy Mosques की सुरक्षा के लिए समर्थन दोहराया।

क्या Pakistan ने सैन्य कार्रवाई का ऐलान किया?

अभी नहीं।

Pakistan की ओर से सामने आए आधिकारिक बयानों में condemnation, Saudi support और de-escalation की बात है। Makkah की घटना के जवाब में Houthi के खिलाफ Pakistan की कोई तत्काल सैन्य कार्रवाई घोषित नहीं की गई है।

Türkiye ने क्या कहा?

Türkiye के Foreign Ministry ने भी Houthi drone attack की कड़ी निंदा की।

Ankara ने Saudi Arabia की sovereignty, territorial integrity और security के समर्थन की पुष्टि की और कहा कि ऐसे हमले तुरंत बंद होने चाहिए। Türkiye ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ाने वाली कार्रवाई से बचने की भी अपील की।

Türkiye के राष्ट्रपति कार्यालय के Communications Director Burhanettin Duran ने भी Makkah की सुरक्षा को पूरे Islamic world के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए Saudi Arabia के साथ solidarity जताई।

Türkiye ने भी सैन्य कार्रवाई नहीं की

Türkiye की मौजूदा प्रतिक्रिया भी diplomatic condemnation और Saudi solidarity तक सामने आई है। Makkah incident के बाद Ankara ने किसी अलग सैन्य operation की घोषणा नहीं की है।

अब सबसे बड़ा सवाल: Makkah Defence Pact का क्या होगा?

यही इस पूरी घटना का सबसे महत्वपूर्ण strategic angle है।

7 अगस्त 2026 को Makkah में Saudi Arabia, Pakistan और Türkiye ने Joint Defence Agreement पर हस्ताक्षर किए थे। Agreement के अनुसार किसी एक सदस्य देश पर armed attack को तीनों पर हमला माना जाएगा।

इसी वजह से Makkah के पास drone intercept होने की घटना को इस नए alliance की पहली बड़ी security test के रूप में देखा जा रहा है।

लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण फर्क है।

Pact में Article 5 जैसा प्रावधान, लेकिन जवाब कैसे होगा यह स्पष्ट नहीं

Pakistan के military spokesperson Lt Gen Ahmed Sharif Chaudhry ने Al Arabiya English को दिए इंटरव्यू में कहा कि agreement collective deterrence और defence के लिए है।

जब उनसे पूछा गया कि अगर किसी member पर हमला होता है तो Pakistan कैसे प्रतिक्रिया देगा, उन्होंने कहा कि operationalisation का तरीका सार्वजनिक नहीं किया गया है और यह तीनों देशों को तय करना है।

यानी pact में collective defence का principle मौजूद है, लेकिन किस स्थिति में कौन-सी military force, कितनी और किस तरीके से इस्तेमाल होगी—इसकी operational details सार्वजनिक नहीं हैं।

Pact अभी पूरी तरह operational है या नहीं?

Pakistan Foreign Office ने 10 सितंबर को कहा था कि Makkah Defence Alliance अभी initial stage of formation में है।

FO के मुताबिक organisation की structure, procedures और mechanisms को finalise करने पर अभी काम चल रहा है। तीनों देशों को पहले अपने cooperation को consolidate करना है।

31 अगस्त को Istanbul में alliance की inaugural meeting हो चुकी है और Pakistan को शुरुआती तीन साल के लिए secretariat head करने की जिम्मेदारी दी गई है।

तो क्या Makkah attack के बाद pact सक्रिय होगा?

फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है।

Pakistan और Türkiye ने Saudi Arabia के साथ solidarity दिखाई है, लेकिन दोनों देशों ने अभी Houthi के खिलाफ अलग से सैन्य कार्रवाई की घोषणा नहीं की है।

इसलिए फिलहाल तीन चीजें अलग-अलग समझना जरूरी है:

  1. Saudi Arabia ने drone intercept किया।
  2. Pakistan और Türkiye ने Saudi Arabia के समर्थन में कड़ी प्रतिक्रिया दी।
  3. Makkah Defence Pact में collective defence का प्रावधान है, लेकिन उसकी operational response mechanism अभी सार्वजनिक नहीं है।

अब नजर किस पर रहेगी?

Makkah के पास हुई इस घटना के बाद असली सवाल यह नहीं है कि Pakistan और Türkiye ने Saudi Arabia का समर्थन किया या नहीं—दोनों ने समर्थन किया है।

असली सवाल यह है कि अगर Saudi territory या Holy Sites पर आगे कोई confirmed armed attack होता है, तो Makkah Defence Pact का collective defence provision व्यवहार में किस तरह लागू किया जाएगा।

अभी तक उपलब्ध आधिकारिक बयानों से इतना स्पष्ट है कि तीनों देशों का alliance defensive और deterrence-oriented बताया गया है, लेकिन किसी military response की घोषणा नहीं हुई है।