Kolkata News ममता सड़क पर, सुरक्षा पर सियासत! महुआ बोलीं- मोहन भागवत को XYZ+++, ममता की सुरक्षा शून्य?

ममता सड़क पर, सुरक्षा पर सियासत! महुआ मोइत्रा बोलीं- मोहन भागवत को XYZ+++, ममता की सुरक्षा शून्य?

कोलकाता/नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी कोलकाता की सड़कों पर उतरकर हॉकर्स के समर्थन में प्रदर्शन करती नजर आईं, वहीं दूसरी ओर उनकी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी के साथ वर्षों से तैनात कुछ सुरक्षा कर्मियों को हटाया गया है, जबकि पार्टी सांसद महुआ मोइत्रा ने इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है।

Kolkata News ममता सड़क पर, सुरक्षा पर सियासत! महुआ बोलीं- मोहन भागवत को XYZ+++, ममता की सुरक्षा शून्य?

हॉकर्स के समर्थन में सड़क पर उतरीं ममता बनर्जी

कोलकाता के धर्मतल्ला इलाके में आयोजित विरोध प्रदर्शन में ममता बनर्जी ने हॉकर्स और फुटपाथ विक्रेताओं के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर गरीबों की आजीविका को खत्म नहीं किया जा सकता।

ममता बनर्जी ने कहा कि शहर का विकास जरूरी है, लेकिन उन हजारों परिवारों की रोजी-रोटी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जो फुटपाथ पर छोटी दुकानें लगाकर अपना जीवनयापन करते हैं। उन्होंने मांग की कि यदि किसी क्षेत्र से हॉकर्स को हटाया जाता है तो उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था पहले सुनिश्चित की जाए।

सुरक्षा को लेकर टीएमसी का आरोप

हॉकर्स आंदोलन के बीच ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर भी बहस तेज हो गई है। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि उनके साथ लंबे समय से जुड़े कुछ सुरक्षा अधिकारियों को अचानक हटा दिया गया है।

टीएमसी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने दावा किया कि वर्षों से ममता बनर्जी के साथ कार्यरत सुरक्षा कर्मियों को उनके आवास से हटाया गया। उन्होंने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी साझा की।

महुआ मोइत्रा का केंद्र पर हमला

टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने भी इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीन बार मुख्यमंत्री और कई बार सांसद रह चुकी ममता बनर्जी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि एक तरफ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जबकि ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर लगातार विवाद सामने आ रहे हैं। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

सरकार ने आरोपों को किया खारिज

विवाद बढ़ने के बाद सरकारी सूत्रों की ओर से कहा गया कि ममता banerjee की सुरक्षा में किसी प्रकार की कटौती नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि उन्हें निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी नहीं की गई है।

बंगाल की राजनीति में बढ़ सकता है असर

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि हॉकर्स का मुद्दा और ममता बनर्जी की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा विषय बन सकते हैं। एक तरफ टीएमसी इसे जनता और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा मुद्दा बता रही है, वहीं विपक्ष इसे राजनीतिक रंग देने का आरोप लगा रहा है।

अब देखना होगा कि हॉकर्स के समर्थन में शुरू हुआ यह आंदोलन और सुरक्षा को लेकर उठा विवाद राज्य की राजनीति में क्या नया मोड़ लेकर आता है।