उरई जेल कांड मे उलमा काउन्सिल Ruc की जीत
जेलर,डिप्टी जेलर सहित 14 लोगों को हुई उम्रकैद
(Rashtriya Ulama Council Ruc) राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल का जन्म ही जुल्म की कोख से हुआ — मुबारक खान
जालौन की उरई जेल के जेलर डिप्टी जेलर द्वारा फर्जी गैंगवॉर का नाम देकर फ़जी तरीके से प्रिन्स अहमद और नाजिर खां की जेलर डिप्टी जेलर द्वारा की अपनी मौजूदगी मे होकर निर्मम क्रुरता पूर्वक हत्या की गई और फर्जी तरीके से गैगवार का नाम देकर मिडिया मे फ़जी खबर चलाई गई जेल मे गैगवार डिप्टी जेलर घायल तमाम कैदी घायल इलैक्ट्रिक मिडिया की खबर देखकर राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना आमिर रशादी के निर्देश पर राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के स्थानीय नेताओं का एक प्रतिनिधि मंडल डी एम और जेल प्रशासन से मिला ओर जेल कांड की जांच की मांग की तो उनकी बातो से यह लगा की यह मामले को दबाने की कोशिश कर रहे है जब डी एम की बातो से न्याय की उम्मीद नही रही तो राष्ट्रीय अध्यक्ष जी के निर्देश पर जिला अस्पताल में भर्ती घायल कैदियों से बात की तो पता चला की डिप्टी जेलर द्वारा साजिश के तहत रची गई घटना है राष्ट्रीय ओलमा कौन्सिल नेताओं ने शहर मे पूरे सामाजिक समर्थन के साथ आन्दोलन किया तब तमाम जद्दोजहद के बाद 28 मार्च 2010 को मृतक नाजिर के पिता अय्युब खान की तहरीर पर जेलर नत्थू सिंह,डिप्टी जेलर सुनील दत्त मिश्रा,जेल अधीक्षक अविनाश गौतम,पुलिस इन्स्पेक्टर सहित अन्य कर्मचारियों राजकुमार,न्रपेन्द्र,राम अवतार,अनिल शर्मा सहित कुल १४ लोगों के खिलाफ कोतवाली उरई मे एफआईआर दर्ज करने मे कामयाब हुई और आज 14 साल बाद न्याय मिला है।
RUC राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने आज तक जुल्म के खिलाफ अपनी आवाज को मजबूती से उठाया और इन्साफ दिलाने मे लगातर कामयाब हुई। नाजिर के पिता अय्यूब खान ने राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल पार्टी के नेताओं का जिन्होंने इस फ़जी कांड मे बेकसूर घायल ओर मारे गये कैदीयो को न्याय दिलाने मे अपना योगदान दिया क्योंकि उस दौरान तात्कालिक सांसद व वर्तमान ज़िला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम अनुरागी,उरई सदर तात्कालिक विधायक व वर्तमान कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने मदद करने से साफ इंकार करते हुए इस मसले को संसद और विधानसभा मे उठाने को कह दिया था राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल नेतृत्व की पहल से आज १४ साल बाद न्याय मिला वह एक उम्मीद की मिशाल बनकर साबित हुआ है इस दौरान कोर्ट परिसर मे मृतक नाजिर खां के परिवारजन के अतिरिक्त वर्तमान बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट मुबारक खान, ज़िला अध्यक्ष मु सलीम भंडारी,मीडिया प्रभारी मेराज अली,कार्यालय प्रभारी मु तारिक अन्सारी अन्य लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। साथ ही राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट तल्हा रशादी साहब,राष्ट्रीय सचिव मो नसीम प्रदेश उपाध्यक्ष अब्दुल मजीद नंदी,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष एवं बुंदेलखंड प्रभारी विवेक यादव जी लगातार वर्तमान बुंदेलखंड प्रभारी मुबारक खान से सम्पर्क मे रहे।
इस दौरान वर्तमान बुंदेलखंड प्रभारी मुबारक खान ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह १४ साल का संघर्ष को भुलाया नहीं जा सकता जिस तरह से ज़िला व जेल प्रशासन मसलो को टालने की कोशिश मे लगी थी और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवारजन की मदद करने के आलावा राजनैतिक रोटी सेकने की कोशिश कर रहे थे जिसे राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल के तात्कालिक पदाधिकारियों द्वारा कामयाब नहीं होने दिया आज जहां ख़ुशी है कि हम १४ साल बाद मुकद्द्मा जीतने पर नहीं है उतना अफ़सोस यह है कि किस तरह से जेल के जिम्मेदार लोग यह कृत कराते है और हमारे कुछ लोग उनकी खिदमत के लिए उनकी रहनुमाई करते हुए नजर आते है। aamir rashadi मौलाना आमिर रशादी साहब ने राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल मिशन को इन जुल्मो के खिलाफ खड़ा रहकर लड़ना जो सिखाया है वह कोई राजनेता नहीं सिखा सकता उन्होंने हर एक शख्स को खुद कि ताकत का एहसास कराने का हौसला दिया है जिसका यह नतीजा कि आज नाजिर खान के पिता अय्यूब खान ने कामयाब करके दिखाया है।