Jamia Millia Islamia को मिला Fit India Gold FERN Recognition Award, स्वस्थ और हरित परिसर के लिए मिला सम्मान

Jamia News: Jamia Millia Islamia को मिला Fit India Gold FERN Recognition Award

नई दिल्ली, 8 जून 2026: जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) को भारत सरकार के युवा मामले और खेल मंत्रालय की ओर से प्रतिष्ठित “Fit India – Gold FERN Recognition” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान विश्वविद्यालय को स्वस्थ जीवनशैली, हरित वातावरण और वाहन-मुक्त परिसर को बढ़ावा देने के लिए किए गए उल्लेखनीय प्रयासों के लिए प्रदान किया गया।

यह सम्मान केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा एक विशेष समारोह में प्रदान किया गया। जामिया की ओर से विश्वविद्यालय लाइब्रेरियन डॉ. विकास सीतारामजी नागराले ने यह पुरस्कार प्राप्त किया।

कुलपति और रजिस्ट्रार के नेतृत्व में बढ़ी फिटनेस संस्कृति
जामिया के कुलपति प्रो. मजहर आसिफ और रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी के नेतृत्व में विश्वविद्यालय ने फिट इंडिया मूवमेंट को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं।
दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं नियमित रूप से रविवार को आयोजित साइकिलिंग गतिविधियों में भाग लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। इससे विश्वविद्यालय परिसर में साइकिलिंग संस्कृति को बढ़ावा मिला और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को भी मजबूती मिली।

वाहन-मुक्त और पर्यावरण अनुकूल परिसर बनाने पर जोर
जामिया प्रशासन ने परिसर को स्वच्छ और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। विश्वविद्यालय में वाहन उपयोगकर्ताओं, विशेषकर छात्राओं के लिए व्यवस्थित पार्किंग सुविधाएं विकसित की गई हैं। साथ ही हरित परिसर को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विश्वविद्यालय का कहना है कि इन पहलों से न केवल प्रदूषण कम हुआ है बल्कि छात्रों और कर्मचारियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ी है।

Fit India Movement को मिला नया बल
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की यह उपलब्धि विश्वविद्यालय समुदाय के सामूहिक प्रयासों का परिणाम मानी जा रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस सम्मान को कुलपति, रजिस्ट्रार, फैकल्टी सदस्यों, कर्मचारियों और छात्रों के सहयोग को समर्पित किया है।

जामिया का मानना है कि यह सम्मान भविष्य में भी स्वस्थ जीवनशैली, पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।