एएमयू अब अमीरों की जागीर बन चुकी है – गरीबों के लिए दरवाज़े बंद!

एएमयू की रूह को ज़ख्म: अब यहां गरीब नहीं, सिर्फ अमीरों के बच्चे पढ़ सकते हैं"…