मिथिलांचल में पहली बार हुआ AIMIM का कार्यकत्ता सम्मेलन

मजलिस नेता नजरे आलम ने अपने अधिकार और राजनीतिक नेतृत्व की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में आने का किया अपील.

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन मिथिलाँचल के कार्यकत्ताओं की एक अहम बैठक मजलिस नेता नजरे आलम की अध्यक्षता में दरभंगा शहर के अल्लामा इकबाल लाईब्रेरी में आयोजित की गई। कार्यकर्त्ता सम्मेल का संचालन मजलिस नेता अजमतुल्लाह अबु सईद ने की। मजलिस के कार्यकत्ताओं को संबोधित करते हुए नजरे आलम ने कहा कि हमलोग अब अपने अधिकार और राजनीतिक नेतृत्व की लड़ाई लड़ने के लिए मैदान में आए हैं। हमारे लोगों को राजनीतिक नेतृत्व से सभी तथाकथित सेक्यूलर पार्टीयों ने दूर रखने का काम किया है और हमारे लोगों को सिर्फ वोट बैंक समझकर वर्षों से इस्तेमाल किया जाता रहा है जिससे अब हमें बाहर निकलने की जरूरत है। उन्हों ने कहा कि ऑल इंडिया मजिलस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन आपको नेता बनाना चाहती है आपको राजनीति में हिस्सा दिलाना चाहती है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है के हमारे लोगों के पास नेतृत्व की क्षमता नहीं है, हमें आज इस बात की जरूरत है कि हम अपनी सलाहियत, अपनी ताकत, अपनी सियासत और अपनी क्यादत को पहचानें, हमें डर नहीं, उम्मीद की सियासत करनी है और करनी होगी। श्री नजरे आलम ने आगे कहा कि जरूरत है के हम एकजुट होकर अपने सही लीडर को चुनें। गुलामी की जंजीर को तोड़ दें, लालू, मुलायम, कांग्रेस ये सब हमारे लिए नाकाम साबित हो चुके हैं। इन्हें छोड़ दिजीए ठीक इस तरह जिस तरह हम कह सकते हैं ‘‘महबूब का घर हो के बुजुर्गाें की जमीनें- जो छोड़ दिया फिर उसे मुड़कर नहीं देखा’’ ये तमाम तथाकथित सेक्यूलर पार्टीयां मुर्दा हो रही हैं। इसका विजन साफ नहीं है, इनके पास हमारे लोगों के लिए कोई एजेण्डा नहीं है, ये खुद आज अपने आपको जिंदा रखने के लिए तड़प रही हैं, वो क्या दे सकेंगे हमको। एक तरफ तो हालात कुछ ऐसे हैं तो दूसरी तरफ मजलिस की क्यादत है जिसकी गुंज आज भारत ही नहीं पूरी दुनिया में सुनी जा रही है तो आखिर क्यों नहीं हम अपनी क्यादत को मजबूत बनाएं, आखिर कबतक हम इन तथाकथित सेक्यूलर पार्टीयों के वोट बैंक बने रहेंगे। हम कैसे समझाएं आप सभी को, क्या कहें आपसे, क्या बोलें, अपनी हालत तो कुछ इस शेर की तरह हो गई है ‘‘कहां है तू के तेरे इंतेजार में ऐ दोस्त- तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने’’
इसलिए मेरे भाईयों समय को बर्बाद न करें खुद भी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन की क्यादत से जुड़े और लोगों को भी जोड़ें, गरीब, मजलूम, दबे कुचले दलित पिछड़ा अतिपिछड़ा वर्ग के भाईयों को भी जोड़ें। आने वाले विधानसभा में हमारी पार्टी पूरे बिहार में लड़ेगी और जीतेगी भी। हमारा मिशन है कि आगामी विधानसभा 2025 में 50+ सीटें जीतना है, अगर हमें, मजलिस को आपका साथ मिला तो यह कोई ख्वाब नहीं जो हम आपको दिखा रहे हैं बल्कि इसे पूरा करके दिखायेंगे। वहीं मंच संचलान कर रहे अजमतुल्ला अबु सईद ने भी पार्टी कार्यकर्त्ताओं को मजबूत सिपाही बनकर मिथिलांचल में संगठन को मजबूत करने की बात कही और कहा कि तथाकथित सेक्यूलर पार्टीयों ने हमारी लीडरशिप को खत्म कर दिया है इसलिए मजलिस की क्यादत में हमें अपनी लीडरशिप पैदा करना है। घर घर तक मजलिस को फैलाना है। जल्द ही पूरे मिथिलांचल में सदस्यता अभियान भी चलाया जायगा। उन्होंने बताया कि मिथिलांचल के पार्टी कार्यालय का उद्घाटन दरभंगा में जल्द ही किया जायगा। इस कार्यकर्त्ता सम्मेलन में दरभंगा, मधुबनी समेत पूरे मिथिलांचल के बड़ी संख्या में हिस्सा लिए और संकल्प लिया के पार्टी को पूरे मिथिला में मजबूत बनाकर अपने लीडर बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी, बिहार प्रदेश अध्यक्ष अखतरूल ईमान के हाथों को मजबूत बनायेंगे। वहीं कार्यकर्त्ता सम्मेलन में नजमुलहसन नजमी साहब, मो0 अषरफ, आयतुल्लाह, मो0 फहद, जमीर खान, डा0 सोहैल, अब्दुल्लाह खुसरू, यासिर अरफात, निसार बेग, इकबाल, साजदीन अख्तर, नसर नवाब, मो0 इरफान, जिला परिशद प्रतिनिधि मो0 जलालुद्दीन, षादाब हसन, जुलफक्कार, कुद्दूस सागर, रेहान नेयाजी समेत सैकड़ों कार्यकत्ताओं ने हिस्सा लिया। इस अवसर जलालुद्दीन, हादी हसन, मो0 समीदुल, सलामतुल्लाह, इब्राहीम अब्बासी, दिलषाद गौहर समेत दर्जनों लोगों ने पार्टी की सदस्यता लिया।