अमन और इंसाफ की आवाज़ को दबाया नहीं जा सकता : अदनान हमीद
अलीगढ़ मोब लिंचिंग पीड़ितों के लिए आवाज उठाना गुनाह कैसे? प्रशासन से इंसाफ की उम्मीद
Aligarh News : अलीगढ़ में हुए मोब लिंचिंग के दर्दनाक हादसे के बाद मैंने पीड़ितों की समाजवादी पार्टी के युवा नेता अदनान हमिद ने बताया कि उन्होंने आवाज़ उठाई ना किसी स्वार्थ से, ना किसी दुश्मनी में, बल्कि एक इंसान होने के नाते, एक ज़िम्मेदार नागरिक होने के नाते।
अदनान हमीद के मुताबिक लेकिन अफ़सोस की बात है कि इस इंसाफ़ की आवाज़ को दबाने के लिए कुछ संगठनों के लोग खासतौर पर बजरंग दल से जुड़े मेरे खिलाफ थाने और पुलिस के चक्कर लगा रहे हैं ताकि किसी तरह मुझ पर मुकदमा दर्ज हो सके।
मैं इन सभी लोगों से सिर्फ़ इतना कहना चाहता हूं: जो भी इस देश के अमन, शांति और सौहार्द को तोड़ने की कोशिश करेगा वह मेरी नज़र में आतंकवादी है, चाहे उसका नाम, किसी भी संगठन से कुछ भी हो। अगर इस सच्चाई को कहने की सजा जेल है, तो मैं इसके लिए पूरी तरह तैयार हूं।
मैं अलीगढ़ प्रशासन से हाथ जोड़कर गुज़ारिश करता हूं कि इस मामले में निष्पक्ष कार्यवाही हो। जो भी लोग नफरत फैलाने और मासूमों की जान लेने में शामिल हैं, उन्हें कानून के दायरे में लाकर सख्त सज़ा दी जाए।
समाजवादी पार्टी के छात्र सभा के राष्ट्रीय सचिव अदनान हमीद ने कहा हम अमनपसंद लोग हमेशा इंसाफ़ के साथ खड़े हैं ना डरे हैं, ना डरेंगे। ये मुल्क नफरत से नहीं, मोहब्बत से चलेगा।