AMUSU Election 2026: प्रत्याशियों ने बुलडोजर कार्रवाई से लेकर फिलिस्तीन तक के मुद्दे उठाए, बोले- CM योगी से आंख में आंख डालकर होगी बात

AMU Election 2026: प्रत्याशियों ने बुलडोजर कार्रवाई से लेकर फिलिस्तीन तक के मुद्दे उठाए, बोले- CM योगी से आंख में आंख डालकर होगी बात

अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) छात्रसंघ चुनाव के फाइनल स्पीच कार्यक्रम में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के प्रत्याशियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बात रखी। मंगलवार को स्टूडेंट्स यूनियन हॉल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र पहुंचे और प्रत्याशियों के भाषण सुने। भाषणों में बुलडोजर कार्रवाई, अल्पसंख्यकों के अधिकार, मॉब लिंचिंग, यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC), वक्फ कानून, फिलिस्तीन और सूडान जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठे।

कार्यक्रम के दौरान एक प्रत्याशी ने बुलडोजर कार्रवाई को लेकर कहा कि अगर किसी मुस्लिम या दलित का घर गिराया जाएगा तो AMU से भी आवाज उठेगी। उन्होंने कहा कि अब बुलडोजर के मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से आंख में आंख डालकर बात होगी। प्रत्याशियों ने बुलडोजर कार्रवाई को संविधान और नागरिकों के सम्मान से जोड़ते हुए विरोध जताया।

मॉब लिंचिंग और अल्पसंख्यकों के अधिकारों का मुद्दा उठा

भाषणों में पहलू खान, मोहम्मद अखलाक और अन्य मॉब लिंचिंग की घटनाओं का जिक्र किया गया। एक प्रत्याशी ने कहा कि देश में मुस्लिमों को दोयम दर्जे का नागरिक माना जा रहा है और उनकी सुरक्षा तथा सम्मान का सवाल गंभीर है। कठुआ, हाथरस और उन्नाव की घटनाओं का उल्लेख करते हुए महिला सुरक्षा और न्याय की मांग भी उठाई गई।

कुछ प्रत्याशियों ने यूनिफॉर्म सिविल कोड और वक्फ कानून का विरोध किया। उनका कहना था कि धर्म के आधार पर नफरत और भेदभाव की राजनीति को स्वीकार नहीं किया जा सकता। भाषणों में संविधान, लोकतांत्रिक व्यवस्था और नागरिक अधिकारों की रक्षा पर जोर दिया गया।

फिलिस्तीन और सूडान के मुद्दे भी चर्चा में रहे

फाइनल स्पीच में राष्ट्रीय मुद्दों के साथ अंतरराष्ट्रीय घटनाओं पर भी बात हुई। प्रत्याशियों ने फिलिस्तीन और सूडान के लोगों के प्रति समर्थन जताया। एक प्रत्याशी ने कहा कि उनका दिल फिलिस्तीन, सूडान और दुनिया के दूसरे संघर्ष प्रभावित लोगों के लिए धड़कता है।

कार्यक्रम में शरजील इमाम और उमर खालिद का मुद्दा भी उठा। एक प्रत्याशी ने उन्हें आतंकी बताए जाने पर आपत्ति जताई और कहा कि किसी व्यक्ति के बारे में फैसला अदालत के माध्यम से होना चाहिए।

AMU के आंतरिक मुद्दों पर भी प्रत्याशियों ने प्रशासन को घेरा

छात्रसंघ चुनाव के फाइनल स्पीच में विश्वविद्यालय से जुड़े मुद्दे भी प्रमुख रहे। प्रत्याशियों ने पूर्व कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के कार्यकाल, कैंपस में भ्रष्टाचार और भाई-भतीजावाद के आरोपों तथा छात्रों पर दर्ज मुकदमों का जिक्र किया। नगर निगम की ओर से AMU की जमीन पर बोर्ड लगाए जाने और हॉर्स राइडिंग क्लब की जमीन का मुद्दा भी उठाया गया।

कुछ प्रत्याशियों ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई, एफआईआर और पैलेट गन के इस्तेमाल का जिक्र करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाबदेही की मांग की। छात्रसंघ के फंड और कैंपस में छात्रों की भागीदारी से जुड़े सवाल भी भाषणों का हिस्सा रहे।

छह मिनट में पूरी करनी थी स्पीच

कार्यक्रम में प्रत्याशियों को भाषण के लिए छह मिनट का समय दिया गया था। समय पूरा होने पर घंटी बजाई जाती थी। कुछ प्रत्याशियों ने समय सीमा को लेकर नाराजगी भी जताई। कार्यक्रम में यूनियन हॉल के अलावा सर सैयद हॉल नॉर्थ की छत पर भी छात्र बैठकर भाषण सुनते नजर आए।

AMU छात्रसंघ चुनाव के इस फाइनल स्पीच कार्यक्रम में प्रत्याशियों ने अपने चुनावी मुद्दों के साथ विश्वविद्यालय, देश और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर अपनी राय रखी। अब छात्रों की नजर मतदान और चुनाव परिणाम पर है।

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