AMU Land Dispute: अलीगढ़ में AMU की जमीन को लेकर विवाद, नगर निगम की कार्रवाई के खिलाफ शिक्षक सड़क पर उतरे
अलीगढ़: अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की भमौला स्थित जमीन को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। नगर निगम की कथित कार्रवाई के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन (AMUTA) और अन्य हितधारकों ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय की संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों और अधिकारों का हवाला देते हुए मामले के निष्पक्ष समाधान की मांग की।

AMU की जमीन पर क्या है विवाद?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, विवाद अलीगढ़ के भमौला क्षेत्र में स्थित AMU की जमीन से जुड़ा है। रिपोर्ट में इस जमीन की कीमत करीब 500 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, जमीन के स्वामित्व और रिकॉर्ड को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई है।
AMUTA के पूर्व अध्यक्ष फैसल गांधी ने दावा किया कि विश्वविद्यालय के पास राइडिंग फील्ड की जमीन से संबंधित वर्ष 1925 से अब तक के दस्तावेज मौजूद हैं। उन्होंने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए।
सेंटेनरी गेट पर शिक्षकों ने दिया धरना
प्रदर्शनकारी शिक्षक विवादित स्थल की ओर से होते हुए राष्ट्रपति को ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़ रहे थे। रिपोर्ट के मुताबिक, विश्वविद्यालय का सेंटेनरी गेट बंद होने के कारण उनका रास्ता रुक गया। इसके बाद शिक्षकों और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच बहस हुई और शिक्षकों ने सेंटेनरी गेट पर ही धरना शुरू कर दिया।
प्रदर्शन के दौरान शिक्षकों ने कहा कि विश्वविद्यालय की संपत्ति से जुड़े मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाना चाहिए।
AMU प्रॉक्टर ने संभाली स्थिति
स्थिति को देखते हुए AMU के प्रॉक्टर नावेद खान मौके पर पहुंचे। उन्होंने शिक्षकों से विश्वविद्यालय परिसर के भीतर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जारी रखने की अपील की। रिपोर्ट के अनुसार, प्रॉक्टर ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय से संपर्क किया गया है और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी ज्ञापन लेने के लिए पहुंच रहे हैं।
शिक्षकों ने दी आंदोलन तेज करने की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के हितों और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सकता है।
फिलहाल, AMU की जमीन के स्वामित्व, राजस्व रिकॉर्ड और नगर निगम की कार्रवाई को लेकर विवाद का अंतिम समाधान संबंधित प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रिया से ही स्पष्ट होगा। इस मामले में सामने आए दावों को आधिकारिक रिकॉर्ड और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर देखा जाना महत्वपूर्ण है।