जबरिया हो रहे भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानों ने फूलपुर तहसील में उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा
24 अगस्त, फूलपुर, आज़मगढ़। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बगल के गांव की ज़मीनों के जबरिया भूमि अधिग्रहण के खिलाफ फूलपुर तहसील पर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने के लिए अधिग्रहण की चपेट में आने वाले आजमगढ़ जिले के 24 गांव से आए किसानों और मज़दूरों ने एक स्वर में कहा कि हम अपनी एक इंच ज़मीन किसी भी परियोजना के नाम पर कॉर्पोरेट को लूटने नहीं देंगे। हमारी जमीनें हमारे जीवन जीने का आधार हैं, इसी ज़मीनों के भरोसे सदियों से हम अपने परिवार का भरण पोषण करते आए हैं। अधिग्रहण करने की खबरों पर उपजिलाधिकारी ने चुप्पी साधी और किसानों के सवालों का कोई जवाब नही दिया। इसके अलावा, गोखवल, इमली महुआ, रैदा गांव के पट्टाधारी किसानों ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में उनकी ज़मीन छीने जाने की सूचना से उपजिलाधिकारी को अवगत कराया। इसपर उपजिलाधिकारी ने सभी पीड़ित किसानों की सूची मांगी और इंसाफ करने का आश्वासन दिया।

किसानों ने ज़मीन हमारी आपकी नहीं किसी के बाप की, ज़मीन हमारी कानून तुम्हारा नहीं चलेगा, ज़मीन लुटेरे कॉर्पोरेट वापस जाओ, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर मुर्दाबाद, कौन बनाता हिंदुस्तान भारत के मज़दूर किसान आदि नारे लगा रहे थे। पूर्वांचल किसान यूनियन के महासचिव वीरेंद्र यादव ने कहा कि यूपीडा व शासन द्वारा बार बार अखबार और मीडिया के माध्यम से यह प्रकाशित कराना कि 24 गांव की 1152 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा जैसी खबरों से किसान परेशान हो रहे हैं और भय का वातावरण बन रहा है। इस मानसिक तनाव की स्थिति में शासन को भूमि अधिग्रहण कानून का पालन करना चाहिए और इस तरह की किसी भी परियोजना के लिए यहां का किसान अपनी ज़मीन नहीं देगा।
किसान नेता राजीव यादव ने कहा कि गोखवल और आस पास के कई गांव में पट्टाधारी किसानों की ज़मीन एक्सप्रेसवे के लिए छीन ली गई और बदले में उन्हें कोई मुआवज़ा नहीं दिया गया और अब दोबारा ज़मीन कब्जाने की साजिश जनता के लिए विनाशकारी साबित होगी इसलिए सरकार को तुरंत ये फैसला वापस लेना चाहिए।
ज्ञापन देने आए किसानों में छोटे लाल, मयाराम, अरविंद, कमलेश, गौतम, सोनू, मेवालाल, संजय, राज शेखर, महेंद्र प्रसाद कमलेश, सुनीता, विमला देवी, सोशलिस्ट किसान सभा से नंदलाल यादव, सामाजिक न्याय आंदोलन से राजेंद्र यादव आदि शामिल रहे।