अलीगढ़, 22 सितंबर 2026। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) में छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर सोमवार को छात्रों ने प्रदर्शन किया। डक प्वाइंट पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे एमए उर्दू के छात्र यासिर फहद को धरने से रोकने के दौरान छात्रों और प्रॉक्टोरियल टीम के बीच करीब एक घंटे तक धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची।
यासिर फहद ने आरोप लगाया कि उन्हें धरने से हटाने के दौरान प्रॉक्टोरियल टीम ने उनके साथ बदसलूकी और मारपीट की तथा घसीटा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उनके निजी अंग पर चोट लगी। यासिर के मुताबिक, उन्होंने छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग को लेकर कुलपति के नाम 48 घंटे पहले प्रॉक्टर कार्यालय में ज्ञापन दिया था।
AMU प्रशासन ने निलंबन को चुनाव मुद्दे से अलग बताया
AMU प्रशासन ने यासिर फहद के निलंबन को छात्रसंघ चुनाव के मुद्दे से अलग बताया है। प्रॉक्टर प्रो. नावेद खान के अनुसार, यासिर को 14 सितंबर को अब्दुल्ला हॉल में हुए प्रदर्शन में उनकी भूमिका को लेकर अपना पक्ष रखने के लिए कई बार बुलाया गया था। प्रशासन का कहना है कि उनके खिलाफ कार्रवाई उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर की गई।
प्रशासन के मुताबिक, यासिर को 15 सितंबर के बाद 19 और 20 सितंबर को भी अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया और फोन के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन वह अधिकारियों के सामने पेश नहीं हुए।
विश्वविद्यालय ने यह भी कहा कि 14 सितंबर के प्रदर्शन के दौरान अब्दुल्ला हॉल का गेट बंद किए जाने से परीक्षाएं प्रभावित होने की आशंका थी। प्रशासन ने प्रदर्शन में कुछ नाबालिग छात्राओं के शामिल होने का भी दावा किया है और इस संबंध में जांच जारी होने की बात कही है।
2018 के बाद AMUSU चुनाव पर उठ रहा सवाल
AMU में छात्रसंघ चुनाव को लेकर मौजूदा प्रदर्शन के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर विश्वविद्यालय में नियमित छात्रसंघ चुनाव कब होगा?
AMU की आधिकारिक वेबसाइट पर AMU Students’ Union Election 2018-19 का रिकॉर्ड मौजूद है। नवंबर 2018 में हुए चुनाव में एम. सलमान इम्तियाज को अध्यक्ष, हमजा सुफियान को उपाध्यक्ष और हुजैफा आमिर को मानद सचिव चुना गया था।
इसके बाद छात्रसंघ चुनाव का सिलसिला आगे नहीं बढ़ सका। ऐसे में 2026 में एक बार फिर छात्र चुनाव की मांग जोर पकड़ रही है।
वहीं, दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव आयोजित होते रहे हैं। सितंबर 2026 में DUSU चुनाव भी हुए, जिसमें चार केंद्रीय पदों के परिणाम घोषित किए गए।
ऐसे में AMU के छात्रों के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि जब दूसरे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, तो AMUSU चुनाव को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट क्यों नहीं हुई?
छात्रों की मांग चुनाव की तारीख घोषित करने की
प्रदर्शन कर रहे छात्र AMUSU चुनाव की तारीख घोषित करने की मांग पर कायम हैं। प्रदर्शन के दौरान AMU प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी हुई।
दूसरी ओर, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि यूनियन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए वह तैयार है, जबकि यासिर फहद के मामले को प्रशासन ने अनुशासनात्मक प्रक्रिया से जुड़ा विषय बताया है।
फिलहाल मामले में छात्रों के आरोप और विश्वविद्यालय प्रशासन का पक्ष अलग-अलग हैं। चुनाव की तारीख को लेकर छात्रों की मांग और प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया पर अब सबकी नजर है।
सवाल
AMUSU का आखिरी चुनाव 2018 में हुआ था। करीब आठ साल बाद भी छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया आगे क्यों नहीं बढ़ पाई—और क्या AMU प्रशासन अब चुनाव की तारीख को लेकर कोई स्पष्ट रोडमैप सामने रखेगा?