भारत के टॉप यूनिवर्सिटी में जामिया चमका – चौथा स्थान हासिल, ओवरऑल रैंकिंग में 13वां

जामिया मिल्लिया इस्लामिया ने ‘ओवरऑल’ श्रेणी में 13वां स्थान रखा बरकरार और भारत के विश्वविद्यालयों में चौथा स्थान प्राप्त किया.

एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में जेएमआई ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) संस्थानों में तीसरा, वास्तुकला में पाँचवां और विधि में आठवां स्थान प्राप्त किया।

नई दिल्ली, 4 सितंबर, 2025

केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान द्वारा आज जारी नेशनल इंस्टिट्यूशनल रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) भारत रैंकिंग 2025 में जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) ने ‘ओवरऑल’ श्रेणी में अपना 13वां स्थान बरकरार रखा है और ‘विश्वविद्यालय श्रेणी’ में चौथा स्थान प्राप्त किया है। गौरतलब है कि इस वर्ष, शिक्षा मंत्रालय ने सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) या सतत रैंकिंग की शुरुआत करते हुए 17 श्रेणियों में संस्थानों की रैंकिंग की है। इस श्रेणी में, जेएमआई ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) वाले संस्थानों में तीसरा स्थान प्राप्त किया है।

विश्वविद्यालय को उसकी जबरदस्त सफलता, विशेष रूप से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) जैसे नए और चुनौतीपूर्ण मापदंडों पर बधाई देते हुए, जेएमआई के कुलपति प्रोफेसर मजहर आसिफ़ ने कहा, “यह हमारे लिए बहुत सम्मान की बात है कि जेएमआई ने देश के शीर्ष 5 संस्थानों में अपना स्थान बरकरार रखा है और एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 में समग्र श्रेणी में 13वां स्थान प्राप्त किया है। हमने एसडीजी संस्थानों के बीच बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और हमें उम्मीद है कि हम इंजीनियरिंग, प्रबंधन और दंत चिकित्सा के विषयों में अपनी स्थिति और बेहतर कर सकते हैं, क्योंकि इन प्रतिष्ठित शाखाओं में हमारे संकाय सदस्यों की समर्पित टीम है।” प्रो. आसिफ़ ने कहा, “इस वर्ष की रैंकिंग हमारे संकाय की कड़ी मेहनत और अकादमिक अनुसंधान, आउटरीच, उद्योग के साथ सहयोग, कौशल-आधारित और मूल्य-आधारित शिक्षा में जामिया की उत्कृष्टता का प्रमाण है। हमें उम्मीद है कि हम अपने रास्ते में आने वाली कुछ चुनौतियों पर काम करेंगे ताकि हम अगले साल अपनी रैंकिंग और बेहतर कर सकें और 105 साल पुराने संस्थान को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें। एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 अकादमिक दृढ़ता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है क्योंकि हम शिक्षा में नेतृत्व की जामिया की विरासत को कायम रखते हैं।”

जामिया के रजिस्ट्रार प्रो. मोहम्मद महताब आलम रिज़वी, जो कुलपति प्रो. आसिफ़ के साथ राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एनआईआरएफ के विमोचन के विशेष कार्यक्रम में शामिल हुए, उन्होंने इस उपलब्धि पर पूरे जामिया परिवार, शिक्षकों, कर्मचारियों, छात्रों सहित आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन (आईक्यूएसी) प्रकोष्ठ को बधाई दी। प्रो. रिज़वी ने कहा, “एनआईआरएफ रैंकिंग 2025 दर्शाती है कि जामिया शिक्षण और लर्निंग के सभी मानदंडों और अनुसंधान के क्षेत्र में प्रगति और विकास के पथ पर अग्रसर है। एसडीजी संस्थानों में तीसरा स्थान प्राप्त करना एक मील का पत्थर है जो हमें समाज में योगदान देने, अपने पर्यावरण की रक्षा करने और एक हरित और टिकाऊ परिसर बनाने के लिए सार्थक तरीकों से एक साथ काम करने के लिए प्रेरित करता है।“

‘वास्तुकला और योजना’ श्रेणी में, जामिया को सभी प्रतिभागी संस्थानों में 5वां स्थान और विधि में 8वां स्थान प्राप्त हुआ है। विश्वविद्यालय को दंत चिकित्सा में 17वां और सभी शोध संस्थानों में 20वां स्थान प्राप्त हुआ है। इंजीनियरिंग में, जामिया को 24वां और प्रबंधन में 28वां स्थान प्राप्त हुआ है।

शिक्षक दिवस की पूर्व संध्या पर शिक्षकों को बधाई देते हुए, जामिया के कुलपति प्रो. आसिफ ने संकाय सदस्यों से कहा कि वे “युवा मस्तिष्कों को प्रोत्साहित और प्रेरित करके राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर ज्ञान और सद्भाव के प्रतीक के रूप में चमकने वाले भारत के निर्माण के लिए काम करते रहें।“ उन्होंने शिक्षकों से एनआईआरएफ के 11वें संस्करण में जामिया की समग्र रैंकिंग को और बेहतर बनाने का संकल्प लेने का भी आग्रह किया।

इस वर्ष की रैंकिंग 17 श्रेणियों में जारी की गई है- ओवरऑल, विश्वविद्यालय, कॉलेज, शोध संस्थान, इंजीनियरिंग, प्रबंधन, फार्मेसी, चिकित्सा, दंतचिकित्सा, विधि, वास्तुकला और प्लानिंग, कृषि और संबद्ध क्षेत्र, मुक्त विश्वविद्यालय, कौशल विश्वविद्यालय, राज्य के सार्वजनिक विश्वविद्यालय और सतत विकास लक्ष्य संस्थान।

एनआईआरएफ रैंकिंग निम्नलिखित मानदंडों पर संस्थानों का मूल्यांकन करती है: शिक्षण, अधिगम और संसाधन; शोध और व्यावसायिक पद्धति; स्नातक परिणाम; आउटरीच, इन्क्लूसिविटी और पर्सेप्शन। यह एनआईआरएफ का दसवां एडीशन है।