अलीगढ़ में किसान यूनियन की बैठक, जुनैद सैफ़ी ने अधिकारों के लिए आवाज़ उठाने का संकल्प लिया

भारतीय किसान यूनियन (हिंदुस्तान) की बैठक में जनहित की बुलंद आवाज़, जुनैद सैफ़ी ने लिया हर वर्ग को न्याय और अधिकार दिलाने का संकल्प

अलीगढ़। भारतीय किसान यूनियन (हिंदुस्तान) के समस्त कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों की उपस्थिति में युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुनैद सैफ़ी के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनहित से जुड़े लोगों ने भाग लिया। इस दौरान संगठन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली, विस्तार और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करते हुए किसानों, मजदूरों, युवाओं, छात्रों एवं आम नागरिकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने पर जोर दिया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए जुनैद सैफ़ी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन (हिंदुस्तान) केवल किसानों तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि समाज के हर उस व्यक्ति की आवाज़ बनने का प्रयास है, जो अपने अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए संघर्ष कर रहा है। संगठन का उद्देश्य जनसमस्याओं को सुनना, संबंधित अधिकारियों तक पहुँचाना और उनके समाधान के लिए लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से प्रयास करना है।

उन्होंने कहा, “मैं एक किसान नेता हूँ, लेकिन मेरी जिम्मेदारी केवल किसानों तक सीमित नहीं है। किसान, मजदूर, बेरोजगार युवा, छात्र और आम नागरिक—हर वर्ग के अधिकारों एवं सम्मान के लिए मैं हमेशा आवाज़ उठाता रहूँगा। जिस व्यक्ति को उसका जायज़ अधिकार नहीं मिल रहा है, उसे न्याय दिलाने के लिए मैं पूरी मजबूती से संगठन के साथ खड़ा रहूँगा।”

जुनैद सैफ़ी ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली जिम्मेदारी उनके लिए केवल एक पद नहीं, बल्कि जनता के प्रति सेवा, समर्पण और जवाबदेही का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वह जनपद अलीगढ़ में स्वयं उपस्थित रहकर लोगों की समस्याएँ सुनने के साथ-साथ देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाली जनसमस्याओं को भी समझने और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास करने का कार्य करेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन कानून और संविधान का सम्मान करते हुए जनहित के मुद्दों को उठाएगा। किसी भी नागरिक के साथ अन्याय होने पर उसकी आवाज़ संबंधित मंच तक पहुँचाने, जरूरतमंदों को उचित मार्गदर्शन देने और समाज में समानता, भाईचारे तथा आपसी सम्मान को मजबूत करने के लिए संगठन निरंतर प्रयास करेगा।
बैठक में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने, अधिक से अधिक जागरूक लोगों को जोड़ने तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए एकजुट होकर कार्य करने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी संगठन की असली ताकत उसके पदों में नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, कार्यकर्ताओं की ईमानदारी और समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारी में होती है।
अंत में जुनैद सैफ़ी ने कहा कि उनका लक्ष्य हर जायज़ आवाज़ को सम्मान देना और अधिकारों से वंचित लोगों के लिए संवैधानिक तरीके से संघर्ष करना है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे जनता के बीच रहकर उनकी समस्याएँ समझें और सेवा भाव से संगठन की जिम्मेदारियाँ निभाएँ।
“जब तक जनता का विश्वास और साथ रहेगा, तब तक जनहित, न्याय, सम्मान और अधिकारों की आवाज़ बुलंद करने का प्रयास जारी रहेगा।”