शिक्षा मंत्रालय में ‘ख़ुत्बात-ए-मोदी’ पुस्तक का विमोचन, एएमयू कुलपति प्रो. नईमा खातून रहीं उपस्थित

शिक्षा मंत्रालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उर्दू भाषणों की पुस्तक ख़ुत्बात-ए-मोदी के विमोचन समारोह में कुलपति प्रो. नईमा खातून आमंत्रित

अलीगढ़, 5 जनवरी: अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने शिक्षा मंत्रालय में आयोजित ख़ुत्बात-ए-मोदी पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में भाग लिया। यह पुस्तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषणों का उर्दू अनुवाद है।

राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद (एनसीपीयूएल) द्वारा प्रकाशित इस पुस्तक में पिछले एक दशक में लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए स्वतंत्रता दिवस के संबोधनों को संकलित किया गया है। इसका उद्देश्य उर्दू पाठकों तक इन भाषणों की पहुँच सुनिश्चित करना और समकालीन सार्वजनिक विमर्श में उर्दू भाषा की भूमिका को सुदृढ़ करना है।

पुस्तक का विमोचन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह संकलन प्रधानमंत्री के समावेशी विकास, राष्ट्रीय एकता और सामूहिक उत्तरदायित्व के दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि इन भाषणों का उर्दू में अनुवाद भाषायी समावेशन की दिशा में एक सार्थक पहल है और इससे उर्दू को भारत की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत के अभिन्न अंग के रूप में और अधिक मान्यता मिलती है।

कार्यक्रम में आमंत्रित किए जाने और उसमें भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रो. नईमा खातून ने कहा कि इस प्रकार की पहल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अकादमिक और सांस्कृतिक मूल्यों के अनुरूप हैं। उन्होंने कहा कि एएमयू ने ऐतिहासिक रूप से उर्दू को ज्ञान, संवाद और चिंतन की भाषा के रूप में संरक्षित और समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे, जिनमें उच्च शिक्षा सचिव श्री विनीत जोशी, भारतीय भाषा समिति के अध्यक्ष श्री चामू कृष्ण शास्त्री, राष्ट्रीय उर्दू भाषा संवर्धन परिषद के निदेशक डॉ. मोहम्मद शम्स इक़बाल, तथा शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।