Budget 2026 Effect: सोने-चांदी में भूचाल! 3 दिन में 1.5 लाख का नुकसान, आपकी जेब पर कैसा असर?

बजट 2026 का असर: सोना 31,000 तो चांदी 1.5 लाख सस्ती! शेयर बाजार में तबाही, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ा असर.

रविवार को पहली बार पेश हुए बजट के बाद आम लोगों के लिए क्या हुआ सस्ता और क्या महंगा – पूरी लिस्ट.

1 फरवरी 2026, नई दिल्ली – इतिहास में पहली बार रविवार को पेश हुए बजट 2026 ने सोना-चांदी, शेयर बाजार और आम लोगों की जेब पर बड़ा असर डाला है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नौवें बजट में कुछ चीजें सस्ती हुई हैं तो कुछ महंगी। आइए जानते हैं सबसे बड़े बदलावों के बारे में आसान भाषा में।
सोना-चांदी में भूचाल, 3 दिन में 1.5 लाख रुपये का नुकसान बजट से पहले ही सर्राफा बाजार में तबाही मची थी और बजट के दिन यह और बढ़ गई:

चांदी में भारी गिरावट:
गुरुवार को चांदी पहली बार ₹4.20 लाख प्रति किलो के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची थी
बजट के दिन यह लुढ़ककर ₹2.65 लाख प्रति किलो पर आ गई.

महज 3 दिन में ₹1.54 लाख प्रति किलो की गिरावट
बजट के दिन खुलते ही ₹27,000 का गोता

सोने की कीमतों में भी तबाही:
रिकॉर्ड हाई ₹1,93,096 से गिरकर ₹1,38,634 प्रति 10 ग्राम पर आया
₹31,704 प्रति 10 ग्राम सस्ता हुआ
दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,60,730 प्रति 10 ग्राम
22 कैरेट सोना ₹14,735 प्रति ग्राम

गिरावट के कारण:
भारी मुनाफावसूली (प्रॉफिट बुकिंग)
डॉलर की मजबूती
ऊंची कीमतों से मांग में कमी
निवेशकों का कमजोर सेंटीमेंट
अमेरिका में नए फेड चेयरमैन की नियुक्ति
खरीदारों के लिए खुशखबरी: जो लोग सोना-चांदी खरीदने का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह सुनहरा मौका है। कीमतें काफी नीचे आ गई हैं।

शेयर बाजार में भी खून-खराबा
रविवार को विशेष रूप से खुले शेयर बाजार में भी निवेशकों को भारी नुकसान हुआ:
सेंसेक्स में 2,300 अंक की गिरावट
निफ्टी 500 अंक टूटा
निफ्टी मिडकैप 100 में 2.7% की गिरावट
निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 3.4% का नुकसान
मेटल और कमोडिटी शेयरों में सबसे बड़ा झटका.

कारण:
फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% की गई
ऑप्शन प्रीमियम पर STT 0.1% से बढ़ाकर 0.15% की गई
निवेशकों में घबराहट
आम लोगों की रोजमर्रा की चीजों पर असर

ये चीजें हुईं सस्ती:
1. स्वास्थ्य सेवाएं:
17 कैंसर की दवाएं – कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म
शुगर और 7 अन्य गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती
विदेश में मेडिकल इलाज – TCS 5% से घटकर 2%
2. शिक्षा:
विदेश में पढ़ाई का खर्च – TCS 5% से घटकर 2%
अब विदेश में पढ़ाई और इलाज सस्ता होगा
3. रोजमर्रा की चीजें:
मोबाइल फोन और पार्ट्स – सस्ते होंगे
जूते और चमड़े के उत्पाद – कम दाम पर मिलेंगे
कपड़े – कीमतों में कटौती
खेल सामान – युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सस्ता
इलेक्ट्रिक व्हीकल की बैटरी – EV सस्ती होगी
सोलर पैनल और सोलर सिस्टम – स्वच्छ ऊर्जा सस्ती
माइक्रोवेव ओवन – घरेलू उपकरण सस्ते
बायोगैस मिश्रित CNG – परिवहन खर्च कम होगा
बीड़ी – कीमत घटी

ये चीजें हुईं महंगी:
1. नशीले पदार्थ:
सिगरेट – एक्साइज ड्यूटी और सिन टैक्स बढ़ा
तंबाकू उत्पाद और पान मसाला – महंगे हुए
विदेशी शराब – आयात शुल्क बढ़ा
2. व्यापार और निवेश:
फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंग – STT बढ़ी
लग्जरी घड़ियां – टैक्स बढ़ा
महंगे आयातित सामान – ड्यूटी बढ़ी
3. व्यावसायिक उपयोग:
कमर्शियल LPG सिलेंडर – 19 किलो वाला ₹49 महंगा (दिल्ली में ₹1,740.50)
खनिज और स्क्रैप सामग्री – उद्योगों के लिए महंगी
4. रोजमर्रा की चीजें:
घरेलू रसोई गैस (14.2 kg) – कीमत नहीं बढ़ी (राहत की बात)
पेट्रोल-डीजल – बजट में कोई बदलाव नहीं
राशन – कोई बड़ा बदलाव नहीं
किसको क्या मिला?

किसानों को:
AI टूल “भारत विस्तार” मुफ्त
₹1.62 लाख करोड़ का बजट
मत्स्य पालन के लिए 500 जलाशय
बागवानी योजना

महिलाओं को:
800 जिलों में गर्ल्स हॉस्टल
SHE-MART (महिला उद्यमियों के लिए)
स्वयं सहायता समूहों को मजबूती
युवाओं को:
15,000 स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब
500 कॉलेजों में नई सुविधाएं
स्किल ट्रेनिंग

मिडिल क्लास को:
इनकम टैक्स में कोई राहत नहीं (निराशाजनक)
ITR फाइलिंग की डेडलाइन 31 जुलाई तक बढ़ी
आम आदमी की असली चिंताएं

जो नहीं मिला:
पेट्रोल-डीजल सस्ता नहीं हुआ
रसोई गैस के दाम नहीं घटे
इनकम टैक्स में राहत नहीं मिली
किसानों के लिए MSP की कोई घोषणा नहीं
नौकरियों के ठोस वादे नहीं

विपक्ष की प्रतिक्रिया:
राहुल गांधी ने कहा, “युवाओं के पास नौकरी नहीं, किसान परेशान हैं, सबको नजरअंदाज किया गया।”
क्या करें निवेशक और खरीदार?
सोना-चांदी खरीदारों के लिए:
अभी खरीदारी का अच्छा मौका है
लेकिन और गिरावट की संभावना बनी हुई है
एक्सपर्ट्स की राय लेकर ही निवेश करें
शेयर बाजार में निवेशकों के लिए:
घबराएं नहीं, लॉन्ग टर्म सोचें
STT बढ़ने से F&O ट्रेडिंग महंगी हुई
अच्छे शेयरों में SIP जारी रखें.

आम खरीदारों के लिए:
कैंसर और शुगर की दवाएं सस्ती होंगी – राहत
मोबाइल फोन सस्ता होगा – इंतजार करें
सिगरेट-शराब महंगी – स्वास्थ्य के लिए अच्छा
बजट का संक्षिप्त आकलन
सकारात्मक:
स्वास्थ्य सेवाएं सस्ती
शिक्षा सुलभ
महिला सशक्तिकरण पर फोकस
इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश
नकारात्मक:
मिडिल क्लास को टैक्स राहत नहीं
पेट्रोल-डीजल महंगे बने रहेंगे
रोजगार के ठोस वादे नहीं
शेयर बाजार में निवेशकों को झटका

निष्कर्ष
बजट 2026 मिला-जुला रहा। जहां दवाएं, शिक्षा और कुछ रोजमर्रा की चीजें सस्ती हुईं, वहीं सोना-चांदी और शेयर बाजार में निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। आम आदमी की सबसे बड़ी चिंता – पेट्रोल-डीजल, रसोई गैस और इनकम टैक्स – पर कोई राहत नहीं मिली।

सरकार ने “विकसित भारत 2047” के सपने को साकार करने के लिए बड़े ऐलान किए हैं, लेकिन इनका असर धरातल पर कितना होगा, यह समय ही बताएगा.