विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस: PM मोदी ने पीड़ितों को किया याद, अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के अवसर पर 1947 में देश के बंटवारे के दौरान पीड़ा, हिंसा और विस्थापन का सामना करने वाले लोगों को याद किया। प्रधानमंत्री ने विभाजन की त्रासदी झेलने वालों के साहस और संघर्ष को नमन करते हुए देशवासियों से सद्भावना और एकजुटता की भावना को और मजबूत करने का आह्वान किया।

भारत सरकार वर्ष 2021 से हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाती है। इसका उद्देश्य विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और अपना घर-बार छोड़ने के लिए मजबूर हुए लाखों लोगों की पीड़ा और संघर्ष को याद करना है।

पीएम मोदी ने विभाजन पीड़ितों के साहस को किया नमन

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि विभाजन की त्रासदी का सामना करने वाले लोगों ने अपने साहस और सामर्थ्य से दिखाया कि विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ा जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने उनके जीवन और संघर्ष को मानवीय जिजीविषा की शक्ति का उदाहरण बताया। उन्होंने देशवासियों से सद्भावना, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया।

अमित शाह ने कांग्रेस पर साधा निशाना

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी। इसके साथ ही उन्होंने देश के विभाजन को लेकर कांग्रेस पर राजनीतिक हमला बोला।

शाह ने आरोप लगाया कि देश के बंटवारे का दंश कांग्रेस की देन है और इतिहास इसे कभी नहीं भूल सकता। उन्होंने विभाजन के दौरान जान गंवाने वाले और अत्याचारों का सामना करने वाले लोगों को नमन किया।

अमित शाह ने कहा कि 14 अगस्त भारतीय इतिहास के सबसे पीड़ादायक अध्यायों में से एक की याद दिलाता है, जब बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा और अनेक लोगों ने अपनी जान गंवाई।

युवा पीढ़ी तक पहुंचे विभाजन की स्मृतियां

गृह मंत्री ने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस के माध्यम से सरकार इस त्रासदी की स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य इतिहास से सीख लेते हुए राष्ट्रीय एकता को मजबूत करना है, ताकि देश को विभाजित करने वाली ताकतें सफल न हो सकें। शाह ने ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ को सर्वोच्च ध्येय बनाने का संदेश भी दिया।

नितिन नवीन ने भी कांग्रेस को घेरा

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने विभाजन के दौरान अकल्पनीय त्रासदी का सामना करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने भी तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की नीतियों को लेकर सवाल उठाए।

नवीन ने आरोप लगाया कि तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की नीतिगत गलतियों और सत्ता की राजनीति ने देश की अखंडता एवं स्वाभिमान को नुकसान पहुंचाया।

उन्होंने कहा कि विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस यह याद दिलाता है कि राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प के साथ आगे बढ़ना ही विभाजन पीड़ितों के प्रति सच्चा सम्मान होगा।

जेपी नड्डा ने विभाजन को बताया बड़ी त्रासदी

जेपी नड्डा ने अपने संदेश में भारत के विभाजन को ऐसी त्रासदी बताया जिसकी पीड़ा आज भी अनेक परिवारों की स्मृतियों में मौजूद है।

उन्होंने कहा कि विभाजन के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा, नफरत और विस्थापन हुआ, जिससे असंख्य लोगों का जीवन प्रभावित हुआ। उन्होंने विभाजन की त्रासदी का सामना करने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।

पीयूष गोयल ने बताया इतिहास का भयानक अध्याय

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी विभाजन के पीड़ितों को याद किया। उन्होंने विभाजन को भारतीय इतिहास का एक ‘भयानक अध्याय’ बताते हुए इससे प्रभावित लोगों के संघर्ष और बलिदान को नमन किया।

क्या है विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस?

केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की थी। यह दिन 1947 में भारत के विभाजन के कारण हुए बड़े पैमाने पर विस्थापन और हिंसा की स्मृतियों को समर्पित है।

इस दिवस के माध्यम से उन लोगों के संघर्ष को याद किया जाता है जिन्हें विभाजन के दौरान अपना घर, संपत्ति और परिचित परिवेश छोड़कर नए स्थानों पर जीवन शुरू करना पड़ा।

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी समेत कई केंद्रीय नेताओं ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्रीय एकता, सद्भाव और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को मजबूत करने पर जोर दिया।