प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से देश को संबोधित करते हुए भारतीय अर्थव्यवस्था और कारोबार के लिए कई बड़े लक्ष्य सामने रखे। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक महत्वाकांक्षा केवल एक बड़ा घरेलू बाजार बनने तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। भारतीय कंपनियों को वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान और मजबूत करनी होगी। इसी दिशा में प्रधानमंत्री ने Fortune 500 में भारत की 50 कंपनियों को शामिल करने का लक्ष्य रखा।
Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियों का लक्ष्य
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारतीय कंपनियों को दुनिया की सबसे बड़ी और प्रभावशाली कंपनियों के बीच अपनी जगह बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। भारत तेजी से आर्थिक विकास कर रहा है और अब इसका असर वैश्विक कॉरपोरेट जगत में भी दिखाई देना चाहिए।
Fortune 500 दुनिया की बड़ी कंपनियों की प्रतिष्ठित सूची है। प्रधानमंत्री का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में इस सूची में भारत की भागीदारी काफी बढ़े और कम से कम 50 भारतीय कंपनियां इसमें अपनी जगह बनाएं।
घरेलू बाजार से आगे बढ़ने की जरूरत
लाल किले से अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि भारत के पास विशाल घरेलू बाजार है, लेकिन देश की आर्थिक महत्वाकांक्षा इससे कहीं आगे की होनी चाहिए। भारतीय कारोबार और कंपनियों को अपने उत्पादों, सेवाओं और तकनीक के जरिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में मजबूत उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्योग जगत को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का संदेश दिया। उनका जोर ऐसी भारतीय कंपनियां तैयार करने पर रहा जो दुनिया की अग्रणी कंपनियों के साथ मुकाबला कर सकें।
दुनिया के टॉप-5 बैंकों में हो भारत का एक बैंक
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय बैंकिंग सेक्टर के लिए भी बड़ा लक्ष्य रखा। उन्होंने कहा कि भारत का बैंकिंग क्षेत्र तेजी से मजबूत हुआ है और अब देश को इससे भी बड़ी उपलब्धि की ओर बढ़ना चाहिए।
पीएम मोदी ने लक्ष्य रखा कि दुनिया के शीर्ष पांच बैंकों में कम से कम एक भारतीय बैंक शामिल हो। उन्होंने भारतीय बैंकिंग सेक्टर की बढ़ती ताकत का जिक्र करते हुए इसे भारत की आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
भारतीय कंपनियों को ग्लोबल लीडर बनाने पर जोर
प्रधानमंत्री ने भारतीय कारोबार जगत से केवल घरेलू स्तर पर सफल होने के बजाय वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय कंपनियों में दुनिया के बड़े बाजारों तक पहुंचने की क्षमता है और इसके लिए इनोवेशन, टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में लगातार निवेश और विस्तार जरूरी है।
भारत को ऐसी कंपनियां तैयार करनी होंगी जो न केवल देश में रोजगार और निवेश बढ़ाएं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की ताकत का प्रतिनिधित्व भी करें।
5 से 7 साल में बड़े लक्ष्य हासिल करने पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में अगले 5 से 7 वर्षों को महत्वपूर्ण बताते हुए देश से बड़े आर्थिक लक्ष्य हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी क्षमताओं और युवाओं की शक्ति का इस्तेमाल करते हुए ऐसे परिणाम हासिल करने चाहिए, जिनका प्रभाव वैश्विक स्तर पर दिखाई दे।
इसके लिए सरकार, उद्योग जगत, स्टार्टअप, बैंकिंग और टेक्नोलॉजी सेक्टर को मिलकर आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया गया।
भारत की वैश्विक आर्थिक मौजूदगी बढ़ाने का संदेश
पीएम मोदी के संबोधन का मुख्य संदेश भारत को वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में और मजबूत करने का रहा। Fortune 500 में 50 भारतीय कंपनियों की मौजूदगी से लेकर दुनिया के टॉप-5 बैंकों में भारतीय बैंक को पहुंचाने तक, प्रधानमंत्री ने भारतीय उद्योग जगत के सामने बड़े लक्ष्य रखे।
प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत को अब केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में नहीं, बल्कि दुनिया की बड़ी कंपनियों, बैंकों और तकनीकी संस्थानों का केंद्र बनने की दिशा में काम करना होगा। आने वाले 5 से 7 वर्षों में इन लक्ष्यों की दिशा में होने वाली प्रगति भारत की वैश्विक आर्थिक भूमिका को और मजबूत कर सकती है।