अलीगढ़, 8 दिसंबरः वॉशिंगटन डीसी (अमेरिका) में रहने वाले एएमयू के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित पूर्व छात्र डॉ. अब्दुल्ला अब्दुल्ला ने आज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय का दौरा किया। और कुलपति प्रो. नइमा खातून, सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान और रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर से मुलाकात की। बैठक में विश्वविद्यालय और पूर्व छात्रों के बीच सहयोग को और मजबूत बनाने तथा संस्थान के विकास के नए रास्तों पर चर्चा हुई।
डॉ. अब्दुल्ला ने एएमयू की हाल की उपलब्धियों की सराहना की और विश्वविद्यालय की वैश्विक पहचान को मजबूत करने में हर संभव सहयोग देने का भरोसा जताया।
“एएमयू ने मेरे जीवन, मूल्यों और सपनों को दिशा दी है और विश्वविद्यालय को वापस देना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के पूर्व छात्र मार्गदर्शन, सहयोग और सार्थक पहलों के जरिए विश्वविद्यालय की शैक्षिक और सामाजिक पहचान को मजबूत करने के लिए तैयार हैं।”
डॉ. अब्दुल्ला ने कुलपति को सर सैयद डे मैगजीन 2025 का विशेष स्मृति संस्करण भेंट किया, जिसे अलीगढ़ एलुमनाई एसोसिएशन ऑफ न्यूयॉर्क ने प्रकाशित किया है, उन्होंने इसके अध्यक्ष डॉ. मिर्जा इरफान ए. बेग की ओर से कुलपति को प्रस्तुत किया।
इस अवसर पर प्रो. नइमा खातून ने कहा कि हमारे पूर्व छात्र विश्वविद्यालय के सबसे सशक्त प्रतिनिधि हैं। दुनिया भर में उनकी प्रतिबद्धता, सर सैयद के उस विचार को जीवित रखती है जिसमें शिक्षा, नेतृत्व और सामूहिक प्रयास से तरक्की का संदेश है।
उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों और विश्वविद्यालय के बीच साझेदारी, शोध, नवाचार और क्षमता निर्माण को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है।
रजिस्ट्रार प्रो. आसिम जफर ने कहा कि ऐसे संवाद संस्थागत संबंधों को नई ऊर्जा देते हैं और पूर्व छात्रों के स्थायी सहयोग के लिए मजबूत ढांचा तैयार करने में मदद करते हैं।
इस मुलाकात में ओएसडी प्रो. मोहम्मद परवेज, प्रॉक्टर प्रो. वसीम अली, एएमयू पीआरओ उमर पीरजादा और प्रो. एच.एस.ए. याहया (सेवानिवृत्त) भी मौजूद रहे।