संत कबीर नगर में धूमधाम से मना 209वां सर सैयद डे, शिक्षा और एकता के संकल्प के साथ संपन्न हुआ भव्य समारोह
संत कबीर नगर, 17 अक्टूबर। बजहरा। महान शिक्षाविद, समाज सुधारक और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की 209वीं जयंती पर शनिवार को सर सैयद मिशन पब्लिक स्कूल, बजहरा में सर सैयद डे समारोह धूमधाम से मनाया गया। ‘ऑल अलीग ऑफ संत कबीर नगर डिस्ट्रिक्ट’ के तत्वावधान में आयोजित समारोह में शिक्षा, समाजसेवा और आपसी एकता का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जिले के अलीगों, शिक्षाविदों, चिकित्सकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य अतिथियों ने हिस्सा लिया। समारोह का सबसे खास पहलू स्कूली बच्चों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। करीब 25 बच्चों ने सर सैयद अहमद खान के जीवन, शिक्षा, समाज सुधार और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना से जुड़े विभिन्न विषयों पर प्रकाश डालकर उनकी विरासत अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से सभी को परिचित कराया।
बच्चों ने प्रस्तुतियों से जीवंत किया सर सैयद का शैक्षिक मिशन
समारोह में बच्चों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष पहचान दी। करीब 100 बच्चे सर सैयद अहमद खान के जीवन और विचारों से संबंधित पोस्टर तैयार करके लाए थे। इन पोस्टरों में सर सैयद की तस्वीरें, उनके प्रेरणादायी कथन, जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाएं और शिक्षा के प्रति उनके विचार प्रदर्शित किए गए।
बच्चों ने सर सैयद अहमद खान की जीवनी, उनकी समाजसेवा, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान, साइंटिफिक सोसाइटी, मुहम्मडन एंग्लो-ओरिएंटल कॉलेज और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की स्थापना से जुड़े विषयों पर अपनी प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने बताया कि किस तरह सर सैयद ने आधुनिक शिक्षा को सामाजिक तरक्की का आधार बनाया और एक ऐसे शैक्षिक आंदोलन की शुरुआत की, जिसने आने वाली पीढ़ियों के लिए नई राह खोली।
बच्चों की प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि सर सैयद की विरासत केवल इतिहास के पन्नों तक सीमित नहीं है, बल्कि आज की युवा पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का महत्वपूर्ण स्रोत है। पोस्टरों और प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने उनके विचारों को समझने और दूसरों तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया। उपस्थित अतिथियों ने बच्चों के उत्साह, मेहनत और रचनात्मकता की प्रशंसा की।
समारोह का कुशल संचालन कुवैत में जियोलॉजिस्ट के रूप में कार्यरत अब्दुल्ला जहीर अलीग ने किया। उन्होंने अपनी प्रभावशाली वक्तृत्व शैली, सधे हुए अंदाज और कार्यक्रम की विषयवस्तु पर मजबूत पकड़ के साथ पूरे समारोह को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाए रखा। उनके संचालन में सर सैयद अहमद खान के विचारों, अलीगढ़ की गौरवशाली परंपरा और शिक्षा के महत्व की प्रभावशाली झलक देखने को मिली। उपस्थित अतिथियों और अलीग बिरादरी के सदस्यों ने उनके संचालन की सराहना की।
कार्यक्रम का एक अन्य प्रमुख आकर्षण उनके छोटे भाई मोहम्मद नोमान अली की सर सैयद अहमद खान और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी पर प्रस्तुत खूबसूरत नज़्म रही। उनकी प्रस्तुति ने समारोह में साहित्यिक और भावनात्मक रंग भर दिया। नज़्म के माध्यम से सर सैयद के शैक्षिक मिशन और अलीगढ़ से जुड़े जज्बात को खूबसूरती से अभिव्यक्त किया गया। अतिथियों ने नोमान अलीग की प्रस्तुति की जमकर सराहना की। दोनों भाइयों की प्रतिभा और सहभागिता समारोह के यादगार पहलुओं में शामिल रही।
सर सैयद के विचारों और योगदान को किया याद
कार्यक्रम में वक्ताओं ने सर सैयद अहमद खान के जीवन, संघर्षों और आधुनिक शिक्षा के प्रसार में उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सर सैयद ने शिक्षा को समाज के उत्थान, आत्मनिर्भरता और प्रगति का प्रभावी माध्यम बनाया। उन्होंने ऐसे समय में आधुनिक शिक्षा का आंदोलन खड़ा किया, जब समाज को नई सोच और शैक्षिक जागरूकता की विशेष आवश्यकता थी।
वक्ताओं ने कहा कि सय्यद साहब का मानना था कि किसी भी समाज की तरक्की के लिए शिक्षा, तार्किक सोच और समय के साथ आगे बढ़ने की क्षमता बेहद जरूरी है। आज भी उनके विचार युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक होने और समाज की बेहतरी के लिए काम करने की प्रेरणा देते हैं।
चिकित्सा, शिक्षा, विज्ञान और सामाजिक क्षेत्र की हस्तियों ने की शिरकत
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध सर्जन एवं पीस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मोहम्मद अयूब शामिल हुए।
विशिष्ट अतिथियों में जनता की संसद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद शफीक, एआरसी पीजी कॉलेज एंड हॉस्पिटल के निदेशक शमशेर अहमद, दिलशाद अफसर, मुमताज अहमद, गौहर अली, इरशाद सिद्दीकी और गोविंद कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
विशेष आमंत्रित अतिथियों में अमेरिका के ब्राउन कैंसर सेंटर से जुड़े वैज्ञानिक इरशाद अहमद अंसारी, बस्ती के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सरफराज खान, गाजीपुर के सीडीपीओ ऐजाज अहमद सिद्दीकी और मुनई देवी सोमना देवी पीजी कॉलेज के निदेशक डी.एन. यादव ने शिरकत की।
इसके अलावा एएमयू के वरिष्ठ पूर्व छात्र मुश्ताक अहमद, रिलायंस पावर लिमिटेड से जुड़े फुजैल अहमद और अल-हुदा पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. मुनजिर बारी सहित अनेक अलीगों की उपस्थिति रही।
निदेशक और प्रिंसिपल ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में सर सैयद मिशन पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ अबुसाद अलीग ने सभी अतिथियों, आयोजकों और अलीग बिरादरी के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कार्यक्रम में सहभागिता करने और आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी लोगों, विद्यालय के सभी शिक्षक शिक्षिकाओं का शुक्रिया अदा किया।
विद्यालय के प्रिंसिपल डॉ. फारुख आलम अलीग ने भी सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने शिक्षा के प्रसार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताया।
एएमयू तराना और राष्ट्रगान के साथ हुआ समापन
समारोह का समापन गौरवपूर्ण और भावनात्मक माहौल में हुआ। बच्चों और अलीग बिरादरी के सदस्यों ने सामूहिक रूप से अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का पारंपरिक ‘तराना-ए-अलीग’ प्रस्तुत किया। इसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के सामूहिक गायन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उसके बाद सभी ने एकसाथ दोपहर का भोजन किया।
एएमयू तराने ने उपस्थित पूर्व छात्रों को अलीगढ़ की यादों और विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपराओं से जोड़ दिया, वहीं राष्ट्रगान ने राष्ट्रीय एकता और देश के प्रति सम्मान की भावना को अभिव्यक्त किया। समारोह में शामिल अतिथि और अलीग बिरादरी के सदस्य पूरे आयोजन के दौरान उत्साहित और प्रसन्न नजर आए।
समाजसेवा और शैक्षिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने का संकल्प
समारोह का उद्देश्य केवल सर सैयद अहमद खान की जयंती मनाना ही नहीं, बल्कि उनके शैक्षिक और सामाजिक मिशन को आगे बढ़ाने के लिए साझा प्रयासों को मजबूत करना भी रहा। कार्यक्रम में शामिल अलीगों ने भविष्य में समाजसेवा, जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, शैक्षिक जागरूकता और युवाओं के मार्गदर्शन के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
आयोजन समिति में डॉ. अबूसाद अलीग, इकबाल अहमद अलीग, डॉ. फारुख आलम, इरशाद अहमद, डॉ. वसीउल्लाह अलीग, सुहेल अहमद आजाद, खुर्शीद आलम और अयाज अहमद अलीग, इरशाद अलीग, अब्दुल्लाह अलीग सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
समारोह ने यह संदेश दिया कि सर सैयद अहमद खान को सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों को जीवन में उतारने, शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज की बेहतरी के लिए सामूहिक रूप से प्रयास करने में है। ‘शिक्षा, एकता और प्रगति’ के संकल्प के साथ संपन्न यह आयोजन संत कबीर नगर की अलीग बिरादरी के लिए एक यादगार अवसर बना।