जयपुर में जश्न-ए-सर सैयद 2026, 31 प्रतिभाओं का सम्मान

सर सैयद के मिशन को आगे बढ़ाने का संकल्प, जयपुर में 150 अलीग जुटे

जश्न-ए-सर सैयद 2026 में शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और एकता का संदेश, चिकित्सा, शिक्षा ,समाज सेवा और पत्रकारिता तक उत्कृष्ट प्रतिभाओं का भी सम्मान।
अवसर का लाभ उठाने की कोशिश करो,शिकायतें कमजोर लोग करते हैं
IAS ,कमरुज्जमा

विपरीत परिस्थितियों में भी संकल्प,सदभाव,
परिश्रम और सहयोग से सफलता हासिल करने का नाम हे सर सैयद।
डॉ आजम बैग

महिला सशक्तिकरण,स्वास्थ्य शिक्षा और समाज सेवा में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का भी संकल्प ले हमारा समाज।
IRS फरहा खान

जयपुर में जश्न-ए-सर सैयद 2026: 150 अलीग जुटे, शिक्षा और सामाजिक सद्भाव को आगे बढ़ाने का संकल्प

जयपुर। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ओल्ड बॉयज़ एसोसिएशन (AMUOBA) राजस्थान चैप्टर की ओर से शनिवार को टोंक रोड स्थित होटल इंडियाना प्राइड में ‘जश्न-ए-सर सैयद 2026’ का भव्य आयोजन किया गया। सर सैयद अहमद ख़ाँ की जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह में करीब 150 अलीग बंधुओं ने शिरकत की। कार्यक्रम में शिक्षा, सामाजिक सुधार, स्वास्थ्य, आपसी भाईचारे ,महिला सशक्तिकरण सामुदायिक विकास और आपसी सहयोग के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

शिक्षा और आधुनिक सोच से ही समाज की तरक्की

समारोह के मुख्य अतिथि भरतपुर जिला कलेक्टर एवं मजिस्ट्रेट कमरुल ज़मां चौधरी (IAS) रहे। समारोह की अध्यक्षता ए एम यू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष तथा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर आजम बैग ने की, कीविशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठ आयकर आयुक्त फरहा ख़ान (IRS), वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. सैफुल हक़, सेवानिवृत्त IAS अधिकारी यू.डी. ख़ान और वरिष्ठ अलीग ,संगठन के पूर्व अध्यक्ष, एफ.के. शेरवानी शामिल रहे। । मुख्य अतिथि कमरुल ज़मां चौधरी ने कहा कि सर सैयद अहमद ख़ाँ की विरासत आज भी प्रासंगिक है। शिक्षा, आधुनिक दृष्टिकोण और सामाजिक सुधार के जरिए ही समाज प्रगति के नए आयाम स्थापित कर सकता है। शिकायतें कमजोर लोग करते हैं अवसर का लाभ उठाकर आगे बढ़ना जिंदा कोमौ का काम होता है, वहीं, फरहा ख़ान ने सफलता के लिए समर्पण, ईमानदारी और लक्ष्य के प्रति एकाग्रता को जरूरी बताया। उन्होंने महिला सशक्तिकरण शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए भी समाज को आगे आकर महिलाओं का साथ देने का आग्रह किया
यू.डी. ख़ान,डॉ शौकत अली , डॉक्टर नासिर एफ के शेरवानी, चौधरी मुनव्वर और डॉ. सैफुल हक़ ने भी शिक्षा एवं सामाजिक जिम्मेदारी के महत्व पर विचार रखे।
अध्यक्षीय भाषण में डॉक्टर आजम बैग ने कहा की 1857 के हालात के बाद जिस तरह विपरीत परिस्थितियों में आधुनिक और धार्मिक शिक्षा,के अवसर तलाश कर के मुल्क और समाज को विकास की ओर ले जाने का जो काम सर सैयद ने किया है आज हमें उसी काम को आगे बढ़ाने की जरूरत है, दुर्भाग्य है की हमे सर सैयद का पूरा नाम तक नहीं मालूम अगर किसी और कोम में होते तो पूरे जा रहे होते।

चिकित्सा, आयुष और पत्रकारिता की प्रतिभाओं का सम्मान

समारोह में चिकित्सा, चिकित्सा शिक्षा, आयुष, स्वास्थ्य सेवाओं, पत्रकारिता और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 31, प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि कमरुल ज़मां चौधरी ,समारोह और संगठन अध्यक्ष डॉक्टर आजम बैग विशिष्ट अतिथि फरहा ख़ान और डॉक्टर शौकत अली ने प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया। सम्मानित होने वालों , डॉ. साइब हुसैन, डॉ. सना बेग, प्रो. नौशी मुजीब, प्रो. फौज़िया सआदत, प्रो. मोहम्मद आज़म अंसारी, प्रो. महमूद सलीम, प्रो. सिराजुल हक़, प्रो. मोहम्मद शोएब आज़मी, डॉ. सदफ़ नवाज़, डॉ. सफिया हुसैन, डॉ. फैयाज़ ख़ान, हाफ़िज़ मोहम्मद इमरान सहित विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाएं शामिल रहीं। मीडिया एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान के लिए राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अवार्ड पाने वाले वरिष्ठ पत्रकार और कई श्री एम आई,ज़ाहिर,पत्रकार बाबू अंसारी, पत्रकार नईम अहमद, इस्माइल खान,और अबरार त्यागी को सम्मानित किया गया। समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में योगदान देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सम्मान प्रदान किया गया।

सर सैयद के विचारों को अपनाने का आह्वान

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. शौकत अली के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सद्भाव और सामुदायिक विकास के लिए मिलकर काम करने की अपील की। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सना बेग ने किया। समारोह का समापन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित तराने के हिंदी अनुवाद के सामूहिक गायन के साथ हुआ। आयोजन में अलीगढ़ की गौरवशाली शैक्षिक परंपरा, भाईचारे और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।