Siwan News विधायक ओसामा शहाब पर FIR दर्ज,पूरा मामला जान लीजिए

सिवान – विधायक ओसामा शहाब पर FIR दर्ज, हत्या की साजिश का FIR दर्ज। चंदन सिंह ने दर्ज कराया FIR। विधायक ओसामा शहाब रघुनाथपुर सिवान से है विधायक।

सिवान में फिर वही पुराना खेल! चंदन सिंह vs सेमरी विवाद – लेकिन सच्चाई क्या है?

5 अप्रैल 2026 की शाम सिवान के सेमरी गांव में एक मामूली घटना ने बड़ा रूप ले लिया। एक ऑटो और स्कॉर्पियो के बीच साइड लेने को लेकर झगड़ा शुरू हुआ, जो पथराव और मारपीट में बदल गया। चंदन सिंह के काफिले पर हमला हुआ, गाड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। चंदन सिंह ने FIR दर्ज कराई और उसमें RJD विधायक ओसामा शाहबुद्दीन (शहाबुद्दीन के बेटे) पर अपनी हत्या की साजिश रचने का आरोप लगाया। पुलिस ने तीन FIR दर्ज की हैं और जांच चल रही है।

लेकिन सवाल यह है – चंदन सिंह को हीरो या पीड़ित मानने की कोशिश क्यों हो रही है?
चंदन सिंह सिवान के कुख्यात अपराधिक इतिहास वाला व्यक्ति हैं। उसके खिलाफ दर्जनों मुकदमे हैं – हत्या, रंगदारी, लूट, डकैती और यहां तक कि अपनी पत्नी को जिंदा जलाने का पुराना गंभीर आरोप भी। 2018 में दिलीप यादव हत्याकांड में उसे उम्रकैद की सजा भी हो चुकी थी। STF ने कई बार उसे गिरफ्तार किया, इनाम घोषित किया गया। कुछ दिन पहले लाली यादव हत्या मामले में भी उसका नाम आया था।

अब वे खुद को “समाजसेवी” और कुछ सपोर्टर्स उसे “हिंदू सम्राट” या “हिंदुत्ववादी नेता” बताने लगे हैं। कुछ रील्स और पोस्ट में #जयमांभवानी #जयराजपूताना के साथ उसे योद्धा दिखाया जा रहा है। लेकिन हकीकत यह है कि अपराध अपराध होता है – चाहे वह किसी भी जाति या समुदाय का हो।

आलोचना की बातें:
अगर चंदन सिंह वाकई समाजसेवी होता तो उसके खिलाफ इतने सारे आपराधिक मामले क्यों होते?
सिवान जैसे संवेदनशील इलाके में गैंग वॉर या व्यक्तिगत रंजिश को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश गलत है। छोटा सड़क विवाद को राजनीतिक/सांप्रदायिक साजिश में बदलना दोनों तरफ से खतरनाक है।

“हिंदुओं का कत्ल करने वाला” या “हिंदू सम्राट” वाला नैरेटिव सोशल मीडिया पर चल रहा है, लेकिन कोई ठोस सबूत नहीं। अपराधी को धर्म के नाम पर सफेद करने की कोशिश समाज को बांटने वाली है।

सिवान का इतिहास बाहुबलियों से भरा पड़ा है। अब अगर नया “बाहुबली” उभर रहा है तो क्या फर्क पड़ा? अपराधी चाहे कोई हों कानून के सामने बराबर होना चाहिए।

सिवान की जनता को शांति चाहिए, विकास चाहिए, न कि रोज नए गैंग वॉर और FIR के खेल। पुलिस को निष्पक्ष जांच करनी चाहिए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो – चाहे चंदन सिंह हों या कोई और
अपराधियों को “सम्राट”, “योद्धा” या “भैया” कहकर ग्लोरिफाई करना बंद होना चाहिए। जेल अपराधियों के लिए है, सोशल मीडिया पर हीरो बनाने के लिए नहीं।

सिवान शांत रहे, बिहार शांत रहे। कानून का राज हो, न कि बाहुबल का।