Telangana News: रेवंत रेड्डी ने ओवैसी की जमकर तारीफ की, बोले- देशभक्ति में मोदी-शाह से कम नहीं; AIMIM चीफ ने भी खोला समर्थन का राज
हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में कांग्रेस और AIMIM के बीच रिश्तों को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की खुलकर तारीफ की और कहा कि देशप्रेम तथा देश की सुरक्षा के मामले में ओवैसी किसी से कम नहीं हैं। इसी मंच पर ओवैसी ने भी तेलंगाना सरकार के प्रति अपने समर्थन की वजह स्पष्ट की।
रेवंत रेड्डी बोले- ओवैसी मोदी और अमित शाह से कम नहीं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा कि वह मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए जिम्मेदारी से यह बात कह रहे हैं कि असदुद्दीन ओवैसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से कम नहीं हैं।
उन्होंने कहा कि जब देशप्रेम या देश की सुरक्षा की बात आती है तो ऐसे लोग पीछे नहीं हटेंगे। रेवंत रेड्डी का यह बयान ऐसे समय आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस और AIMIM के राजनीतिक समीकरण पर लगातार चर्चा होती रही है।

Asaduddin Owaisi ने बताया क्यों कर रहे रेवंत सरकार का समर्थन
इसी कार्यक्रम में असदुद्दीन ओवैसी ने भी रेवंत रेड्डी के साथ अपने राजनीतिक समीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि AIMIM रेवंत रेड्डी के नाम पर समर्थन कर रही है, किसी पार्टी के नाम पर नहीं।
ओवैसी ने मुख्यमंत्री से यह भी कहा कि वह बहुत ज्यादा विनम्र हो गए हैं और उन्हें अपना कड़ा रुख दिखाना चाहिए। उन्होंने सवालिया अंदाज में कहा कि पता नहीं कौन सी चीज उन्हें ऐसा करने से रोक रही है।
कांग्रेस और AIMIM के बीच राष्ट्रीय स्तर पर विरोध
दिलचस्प बात यह है कि राष्ट्रीय राजनीति में Congress और AIMIM एक-दूसरे के विरोधी माने जाते हैं। ओवैसी कई मौकों पर कांग्रेस और राहुल गांधी की आलोचना कर चुके हैं। इसके बावजूद तेलंगाना में रेवंत रेड्डी और ओवैसी के बीच अलग राजनीतिक समीकरण देखने को मिलता है।
रिपोर्ट के अनुसार, 2023 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान दोनों नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी हुई थी। उस समय ओवैसी ने रेवंत रेड्डी को ‘RSS-अन्ना’ कहा था और कांग्रेस से दूरी बनाने की अपील की थी। दूसरी ओर, रेवंत रेड्डी ने ओवैसी को ‘बीजेपी की बी-टीम’ बताया था। अब तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद दोनों के बीच राजनीतिक समीकरण बदला हुआ नजर आ रहा है।
Jubilee Hills उपचुनाव का था असर
तेलंगाना की राजनीति में AIMIM के रुख का असर Jubilee Hills जैसे चुनावी समीकरणों में भी देखने को मिला है। रिपोर्ट के मुताबिक उपचुनाव में AIMIM ने यहां उम्मीदवार नहीं उतारा था और इसके बाद कांग्रेस ने BRS से यह सीट छीन ली थी।
ऐसे में रेवंत रेड्डी की ओवैसी की खुली तारीफ और AIMIM प्रमुख का यह कहना कि उनका समर्थन कांग्रेस नहीं बल्कि मुख्यमंत्री के लिए है, तेलंगाना की राजनीति में दोनों के बीच बने इस अलग समीकरण को फिर चर्चा में ले आया है।
क्या रेवंत रेड्डी और असदुद्दीन ओवैसी का यह राजनीतिक समीकरण आने वाले चुनावों में तेलंगाना की राजनीति को प्रभावित करेगा?