Akhilesh Yadav Meets Azam Khan: ओवैसी के बयान के बाद रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश

ओवैसी के बयान के बाद आजम खान से मिलने रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश यादव, बोले— ‘आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे’

रामपुर: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर को रामपुर जिला जेल पहुंचकर  वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान से मुलाकात की। यह मुलाकात AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान के कुछ दिन बाद हुई, जिसमें उन्होंने अखिलेश यादव पर मुस्लिम नेताओं की अनदेखी करने और मुस्लिम मतदाताओं का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। ऐसे में इस मुलाकात को राजनीतिक और सियासी नजरिए से भी अहम माना जा रहा है।

Asaduddin Owaisi ने क्या कहा था?

18 अक्टूबर को रामपुर में एक रैली को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने अखिलेश यादव पर निशाना साधा था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, ओवैसी ने सवाल उठाया कि अगर सैफई का कोई यादव जेल जाता है, तो अखिलेश यादव उसके समर्थन में खड़े होंगे, लेकिन अगर कोई मुस्लिम नेता या ‘अब्दुल’ जेल में हो, तो उससे बाहर आने के बाद वोट देने की बात कही जाती है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी मुस्लिम समुदाय के वोटों का इस्तेमाल करती है, लेकिन उसके नेताओं के साथ खड़े होने में वैसा समर्थन नहीं दिखाती।

Akhilesh Yadav Meets Azam Khan: ओवैसी के बयान के बाद रामपुर जेल पहुंचे अखिलेश

जेल में आजम खान से मिले अखिलेश, परिवार से भी की मुलाकात

अखिलेश यादव ने रामपुर जिला जेल में आजम खान से मुलाकात की। इसके बाद वह आजम खान के आवास पहुंचे और उनकी पत्नी तंजीन फातिमा, बड़े बेटे अदीब तथा परिवार के अन्य सदस्यों से मिले। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, जेल में दोनों की बातचीत करीब एक घंटे तक चली।

मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा, “जो आजम थे, वो आजम हैं और आजम रहेंगे।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने आजम खान और उनके परिवार के साथ अन्याय किया है। अखिलेश ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आजम खान को जल्द से जल्द न्याय मिलेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों के जरिए उन्हें लंबे समय तक जेल में रखने की कोशिश की गई है। ये आरोप अखिलेश यादव और समाजवादी पार्टी के पक्ष का हिस्सा हैं; संबंधित मामलों में अदालतों के फैसले अलग-अलग हैं।

जौहर यूनिवर्सिटी को लेकर भी भाजपा पर निशाना

अखिलेश यादव ने मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी का जिक्र करते हुए कहा कि यह आजम खान का सपना है और समाजवादी पार्टी इसे पूरा करने के लिए काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय को बंद करने की कोशिश शिक्षा और छात्रों के भविष्य को नुकसान पहुंचाने वाली है।

उन्होंने भाजपा सरकार पर शिक्षा के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाने का आरोप भी लगाया। इसके अलावा अखिलेश ने राम मंदिर के चढ़ावे और चंदे में कथित चोरी का मुद्दा उठाया। ये आरोप उन्होंने राजनीतिक बयान के तौर पर लगाए हैं।

मतदाता सूची और SIR पर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी ने 100 विधानसभा क्षेत्रों में फर्जी वोटों की शिकायत से जुड़ी सूची दी है। उन्होंने चुनाव आयोग से मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की और आधार से जोड़ने के विकल्प पर विचार करने की बात कही। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं है।

2027 चुनाव से पहले अहम सियासी संकेत

आजम खान से अखिलेश यादव की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियां धीरे-धीरे तेज हो रही हैं। आजम खान पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में समाजवादी पार्टी के प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते रहे हैं। ओवैसी के बयान के बाद हुई यह मुलाकात मुस्लिम मतदाताओं के बीच समाजवादी पार्टी के समर्थन और आजम खान के साथ पार्टी के रिश्तों को लेकर चल रही राजनीतिक चर्चा के संदर्भ में अहम मानी जा रही है। हालांकि, अखिलेश यादव ने मुलाकात को भावनात्मक रिश्ता बताया था, जबकि इसके राजनीतिक महत्व पर अलग-अलग आकलन सामने आए हैं।