Amu News पूर्व कप्तान नदीम अंसारी का राइडिंग अध्यक्ष पर घोटाले का आरोप,वीसी से जांच की माँग

एएमयू राइडिंग क्लब पर उठे सवाल,पूर्व कप्तान ने कुलपति को लिखा पत्र

क्लब की बिगड़ती स्थिति और छात्रों की शिकायतों पर जवाबदेही तय करने की मांग

AMU News अलीगढ़, 29 मई 2025 : अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के राइडिंग क्लब में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। (amu horse riding) क्लब के पूर्व कप्तान और सामाजिक कार्य विभाग के शोधार्थी छात्र संघ पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने कुलपति को एक पत्र लिखकर क्लब की गिरती स्थिति और लगातार हो रही अनियमितताओं पर गहरी चिंता जताई है।

उन्होंने क्लब के वर्तमान अध्यक्ष डॉ वासिफ से कई बुनियादी सवालों पर जवाब देने की मांग की है।

पत्र में सबसे पहले क्लब की उपलब्धियों और संचालन पर सवाल उठाए गए हैं। नदीम अंसारी ने पूछा है कि अध्यक्ष बनने के बाद से अब तक क्लब की प्रगति को लेकर क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।

उन्होंने यह भी जानना चाहा है कि नए घोड़ों की खरीद, प्रशिक्षण सत्रों की नियमितता और छात्र भागीदारी को लेकर क्या प्रयास किए गए हैं।

एक अहम मुद्दा क्लब की जमीन को लेकर भी सामने आया है जिसकी कीमत 100 करोड़ की करीब लगाई जा रही है। नदीम अंसारी ने आरोप लगाया है कि नगर निगम द्वारा कब्जा की गई जमीन और क्लब की पारंपरिक अभ्यास भूमि को संरक्षित करने में क्लब प्रशासन नाकाम रहा है।

इस मामले में विश्वविद्यालय के प्रॉपर्टी कार्यालय को कोई लिखित रिपोर्ट दी गई थी या नहीं।

सबसे गंभीर आरोप पिछले हॉर्स शो से जुड़ा है।

नदीम अंसारी ने कहा कि शो के दौरान अव्यवस्था, छात्रों के बीच विवाद और भेदभाव की घटनाएं सामने आईं, जिससे क्लब की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची। उन्होंने मांग की है कि इस घटना की निष्पक्ष जांच हो और ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।

वित्तीय पारदर्शिता का मुद्दा भी इस पत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा। क्लब को मिलने वाले फंड, घोड़ों के रख-रखाव का खर्च, अस्थायी कोच को दिए गए मानदेय और छात्रों से लिए गए शुल्क का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की गई है।

छात्रों के साथ हो रहे पक्षपात और प्रशिक्षण के अवसरों में असमानता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।

नदीम अंसारी का कहना है कि क्लब में शिकायतों को दर्ज करने और उनका समाधान करने के लिए कोई स्पष्ट प्रक्रिया मौजूद नहीं है, जिससे छात्र खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

पत्र के अंत में उन्होंने कुलपति से अनुरोध किया है कि एक आंतरिक समीक्षा समिति का गठन कर इन सभी मामलों की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि एएमयू राइडिंग क्लब केवल एक खेल संस्था नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की परंपरा और पहचान का प्रतीक है, जिसे बचाने के लिए तत्परता ज़रूरी है।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) के राइडिंग क्लब की स्थिति को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए पूर्व कप्तान और सामाजिक कार्य विभाग के शोधार्थी पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने कुलपति को एक विस्तृत पत्र लिखा है। पत्र में क्लब की गिरती हालत, कुप्रबंधन और पारदर्शिता की कमी की ओर ध्यान आकर्षित किया गया है। उन्होंने क्लब के वर्तमान अध्यक्ष से जवाबदेही तय करने की मांग की है।

नदीम अंसारी ने अपने पत्र में छह प्रमुख मुद्दों पर सवाल उठाए हैं:

1. क्लब द्वारा हाल के वर्षों में की गई गतिविधियों और उपलब्धियों का स्पष्ट विवरण:
क्लब अध्यक्ष द्वारा अब तक किए गए कार्यों और उपलब्धियों का विस्तृत ब्यौरा मांगा गया है। उन्होंने पूछा है कि कितने नए घोड़े खरीदे गए हैं और क्लब की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए क्या पहल की गई है।

2. प्रशिक्षण सत्रों की नियमितता और कोच की अनुपस्थिति में छात्रों को दी गई सुविधा:
पिछले वर्षों में प्रशिक्षण सत्रों की संरचना और नियमितता पर सवाल उठाया गया है। स्थायी कोच की अनुपस्थिति में छात्रों को कैसे प्रशिक्षित और प्रोत्साहित किया गया, इस पर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

3.राइडिंग ग्राउंड की भूमि पर नगर निगम द्वारा कब्जे और जमीन विवाद के मामलों में निष्क्रियता:
अलीगढ़ नगर निगम द्वारा अधिग्रहित भूमि और पास के विवादित मैदान के मामले में अध्यक्ष द्वारा क्या कदम उठाए गए, और क्या किसी प्रॉपर्टी ऑफिस को लिखित रूप से शिकायत दी गई—इस पर भी जवाब मांगा गया है।

4. पिछले हॉर्स शो में हुई अव्यवस्था, छात्रों के साथ अनुचित व्यवहार और उस पर की गई कार्रवाई:
हाल के हॉर्स शो में हुई अव्यवस्था, छात्रों के बीच विवाद और अनुचित व्यवहार की शिकायतों पर क्या जांच हुई और क्या कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई—यह जानना चाहा गया है।

5. क्लब के वित्तीय रिकॉर्ड, जिसमें विश्वविद्यालय से प्राप्त फंड, खर्च और छात्रों से लिए गए शुल्क का ब्यौरा:
क्लब को प्राप्त फंड, घोड़ों के चारे पर खर्च, अस्थायी स्टाफ को दिए गए भुगतान और छात्रों से वसूले गए शुल्क के विवरण की मांग की गई है।

6. छात्रों के साथ हो रहे भेदभाव और शिकायत निवारण प्रक्रिया की पारदर्शिता:
छात्रों द्वारा भेदभाव और पक्षपात की शिकायतों को कैसे संभाला गया, इस पर भी सवाल खड़े किए गए हैं।

पूर्व कप्तान एवं छात्र संघ पूर्व उपाध्यक्ष नदीम अंसारी ने कुलपति नईमा खातून से अनुरोध किया है कि इन मुद्दों की जांच के लिए एक आंतरिक समिति गठित की जाए या संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि राइडिंग क्लब केवल एक खेल इकाई नहीं बल्कि विश्वविद्यालय की समग्र और अनुशासित छवि का प्रतीक है।

उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन से पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की अपील की है ताकि छात्रों का विश्वास बहाल किया जा सके और क्लब को उसके गौरवशाली स्वरूप में पुनर्जीवित किया जा सके।