एएमयू के प्रोफेसर मोहम्मद मोबिन क्लस्टर यूनिवर्सिटी श्रीनगर के कुलपति नियुक्त

Amu News अलीगढ़ 9 जुलाईः अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेउएच कालिज आफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालोजी के एप्लाइड कैमिस्ट्री विभाग के प्रोफेसर मोहम्मद मोबिन को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर क्लस्टर विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया गया है। क्लस्टर विश्वविद्यालय श्रीनगर के कुलाधिपति श्री मनोज सिन्हा के कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रोफेसर मोबिन का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।

Professor Mohammad Mobin appointed Vice Chancellor of Srinagar Cluster University, Jammu and Kashmir

रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री (एफआरएससी), यूके के फेलो प्रोफेसर मोबिन मैटेरियल्स एंड कोरोजन के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रशंसित शोधकर्ता हैं, और लगभग 40 वर्षों से शिक्षण और अनुसंधान में लगे हुए हैं। उन्होंने 1988 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से रसायन विज्ञान में पीएचडी प्राप्त की और उसके बाद 1988 में व्याख्याता के रूप में नियुक्त किये गए। बाद में 2005 में प्रोफेसर के रूप में उन्हें पदोन्नति प्राप्त हुई।

वर्ष 2001 में, उन्होंने कोरोजन विभाग, सीवाटर डिसलाइनेशन रिसर्च इंस्टीटयूट, सेलाइन वाटर कंवर्जन कारपोरेशन (एसडब्ल्यूसीसी), अल-जुबैल, सऊदी अरब में विदेशी शोधकर्ता का कार्यभार संभाला। उन्होंने भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा आयोजित 3 सप्ताह के लीडरशिप फॉर एकेडमिशियन प्रोग्राम (लीप) प्रशिक्षण में भी भाग लिया है, जो आईआईटी (बीएचयू) वाराणसी और यूके के कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में आयोजित किया गया था, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ शिक्षकों को शैक्षणिक संस्थानों में नेतृत्व के लिए तैयार करना है।

प्रो. मोबिन ने 17 पीएचडी, 2 एम.फिल. और 12 एमएससी टेक छात्रों का मार्गदर्शन किया है, उन्होंने 182 शोध पत्र प्रकाशित किये हैं और एसीएस, विले, एल्सेवियर, स्प्रिंगर, आरएससी और डी ग्रुइटर जैसे प्रकाशकों द्वारा प्रकाशित पुस्तकों में 38 अध्यायों का योगदान दिया है। उन्होंने 40 शोध परियोजनाएं (04 औद्योगिक, 08 शैक्षणिक और 28 कारण विफलता विश्लेषण/समस्या निवारण परियोजनाएं) पूरी की हैं, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय सहयोग, अर्थात् एबी अल्वेनियस इंडस्ट्रीज, स्वीडन, ईबारा रिसर्च, जापान और रेजायत केमिका, सऊदी अरब के साथ पूरी की गयीं तीन परियोजनाएं शामिल हैं।

उन्होंने भारत और विदेशों में 39 सम्मेलनों/कार्यशालाओं में भाग लिया है और उन्हें संक्षारण विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए वर्ष 2007 में एनएसीई इंटरनेशनल इंडिया सेक्शन (एनआईआईएस) संक्षारण जागरूकता पुरस्कार, एनआईजीआईएस सराहनीय योगदान पुरस्कार 2022 (एएमपीपी इंडिया चैप्टर) और एनसीसीआई (भारतीय राष्ट्रीय संक्षारण परिषद) सराहनीय पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया जा चूका है।

प्रोफेसर मोबिन को हाल ही में स्कॉलरजीपीएस द्वारा उद्घाटन उच्च रैंक वाले विद्वान के रूप में नामित किया गया था, जो कैलिफोर्निया स्थित एक कंपनी है जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा माइनिंग, मशीन लर्निंग और अन्य डेटा विज्ञान तकनीकों का प्रयोग कर 200 मिलियन से अधिक प्रकाशनों और 3 बिलियन उद्धरणों के अपने विशाल डेटाबेस के आधार पर शोधकर्ताओं की रैंकिंग करती है। उन्हें स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी, यूएसए द्वारा वर्ष 2019, 2020, 2021 और 2022 के लिए विश्व के शीर्ष 2 प्रतिशत वैज्ञानिकों की रैंकिंग में भी शामिल किया जा चुका है।

उन्होंने 01-30 जून, 2024 के दौरान विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में अल-फराबी कजाख राष्ट्रीय विश्वविद्यालय, अल्माटी, कजाखस्तान के रसायन विज्ञान और रासायनिक प्रौद्योगिकी संकाय का दौरा किया और वैज्ञानिक परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, स्नातकोत्तर और शोध छात्रों के लिए व्याख्यान आयोजित करने और उनके शोध प्रबंधों पर परामर्श प्रदान करने में भाग लिया। शिक्षकों के शैक्षिक कार्यक्रमों और वैज्ञानिक लेखों के लिए समीक्षक के रूप में भी उनसे परामर्श किया गया। इससे पूर्व उन्होंने 2014 में किंग सऊद विश्वविद्यालय, रियाद, सऊदी अरब में विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में भी काम किया है।

उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर भी अपनी सेवाएं दी हैं, जिनमें अनुप्रयुक्त रसायन विभाग के अध्यक्ष (2009, 2012-2015 और 2019-2021), पूर्व छात्र मामलों की समिति के उपाध्यक्ष (2019 से अब तक), विश्वविद्यालय परिष्कृत उपकरण सुविधा के संस्थापक समन्वयक (2011-2013), छात्रों के आवासीय हॉल आरएम हॉल के प्रोवोस्ट (2006-2009), डिप्टी प्रॉक्टर (2006), परीक्षा अधीक्षक (2010-2011) और प्रभारी सदस्य (एएमयू प्रेस) (2009-2010) शामिल हैं।

उन्होंने कार्यकारी परिषद (2007-2009), अकादमिक परिषद (2007-2009, 2012-2015, 2019-2021), एएमयू कोर्ट (2007-2009, 2015) और विभिन्न विभागों के अध्ययन बोर्ड जैसे वैधानिक निकायों के सदस्य के रूप में भी कार्य किया है।

उन्हें 2022 में कश्मीर विश्वविद्यालय, श्रीनगर के कुलपति पद के लिए और 2024 में जामिया मिलिया इस्लामिया के कुलपति पद के लिए खोज समिति द्वारा शॉर्टलिस्ट किया गया था।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने प्रोफेसर मोबिन को इस प्रतिष्ठित पद पर नियुक्ति के लिए बधाई दी है और कश्मीर के एक उल्लेखनीय विश्वविद्यालय के कुलपति के रूप में उनके कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी हैं। गौरतलब है कि अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को क्लस्टर विश्वविद्यालय, श्रीनगर को लगातार दो कुलपति देने का गौरव प्राप्त है। प्रोफेसर मोबिन क्लस्टर यूनिवर्सिटी के वर्तमान कुलपति प्रोफेसर कय्यूम हुसैन से कार्यभार ग्रहण करेंगे, जो एएमयू के जैव रसायन विभाग (जीवन विज्ञान संकाय) में प्रोफेसर भी हैं।