CJP Protest विपक्षी सांसदों से जंतर-मंतर पहुंचने की अपील, छात्रों के समर्थन में किसान संगठन

राष्ट्रीय दलों के अध्यक्ष प्रमुख नेता और विपक्षी सांसद जंतर मंतर पर उतरें

धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल बर्खास्त करें

आजमगढ़ 16 जुलाई 2026। जंतर मंतर पर छात्रों और नौजवानों द्वारा पेपर लीक, भर्ती घोटाला और शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रहे धरने और अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल का पूर्वांचल किसान यूनियन, सोशलिस्ट किसान सभा और राष्ट्रीय बांस शिल्पी महासंघ ने समर्थन करते हुए तत्काल केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर पर्यावरणविद सोनम वांगचुक, आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा, मनीष कुमार समेत कई छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर 17 दिन से बैठे हैं जिनकी हालत गंभीर है। किसान भूख से मर रहे हैं और उसके बच्चे भूख हड़ताल करने को मजबूर हैं। नीट पेपर लीक होने के बाद कई मासूम छात्र आत्महत्या करने को मजबूर हुए जिसके जिम्मेदार धर्मेंद्र प्रधान है।

पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव विरेंद्र यादव, सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव और राष्ट्रीय बांस शिल्पी महासंघ के संतोष कुमार धरकार ने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ जंतर मंतर तक सीमित नहीं है। यह आंदोलन हर किसान-मजदूर माता-पिता का है जो अपना पेट काटकर बच्चों को पढ़ाते हैं और सरकार पेपर लीक करके उनके साथ क्रूर मजाक करती है। किसान नेताओं ने कहा कि पेपर लीक ने पूरे देश के युवाओं का भविष्य अंधकार में डाल दिया है। अब और बर्दाश्त नहीं होगा। अगर मांगे नहीं मानी गईं तो किसान संगठन पूरे देश में आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

किसान नेताओं ने कहा कि देश की संवेदनहीन भाजपा सरकार को अनशन पर बैठे आंदोलनकारियों की कोई चिंता नहीं है। विपक्ष के सांसद जो लाखों लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं, अगर वाकई छात्रों-नौजवानों के प्रति गंभीर हैं तो अपने संसदीय क्षेत्र के समर्थकों के साथ मैदान में उतरें और आंदोलन का हिस्सा बनें।

किसान नेताओं ने कहा कि देश भर में नीट से लेकर पुलिस भर्ती, लेखपाल भर्ती, आरओ, एआरओ समेत सत्तर से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं। सरकार ने इसके लिए न तो कोई ठोस योजना बनाई और न पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की। छात्र लंबे समय से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। यदि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते हैं तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चाहिए कि उन्हें तत्काल मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें। जिस तरह प्रधानमंत्री परीक्षा पर चर्चा करते हैं, उसी तरह उन्हें पेपर लीक पर भी चर्चा करनी चाहिए।