तूफानी बारिश ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर फेरा पानी, सरकार तत्काल मुआवजा दे
तूफानी बारिश, आंधी और ओलावृष्टि से धान, गन्ना और सब्जी की फसल बर्बाद, किसान पर दोहरी मार
आजमगढ़ 6 अक्टूबर 2026। पिछले दो दिनों से जारी तूफानी बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ दी है। कुछ ही दिन पहले हुई बारिश से फसलें पहले ही बर्बाद हो गईं थीं, अब रही सही इस बारिश ने कर दिया। धान, गन्ना समेत सब्जी की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। तेल के बढ़ते दामों, यूरिया की किल्लत, पानी की कमी को झेलते हुए देश को खिलाने वाला अन्नदाता भारी कर्ज में जूझ रहा है। सरकार तत्काल किसानों की कर्ज माफी की घोषणा करे।
सोशलिस्ट किसान सभा महासचिव राजीव यादव और पूर्वांचल किसान यूनियन महासचिव वीरेंद्र यादव ने सरकार से तत्काल राजस्व विभाग और कृषि विभाग की संयुक्त टीम बनाकर फसलों के नुकसान का सर्वे कराने की मांग की है। सर्वे में किसान संगठनों को भी शामिल किया जाए जिससे सही नुकसान का आकलन हो सके। जिन किसानों की फसल बर्बाद हुई है, उन्हें तत्काल मुआवजा राशि दी जाए और फसल बीमा का लाभ बिना किसी अड़चन के दिया जाए। गन्ना किसानों के लिए गिरे हुए गन्ने की तौल में छूट दी जाए। सरकार ने तत्काल सर्वे और मुआवजे की कार्रवाई शुरू नहीं की तो किसान संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
किसान नेताओं ने बताया कि खेतों में पक कर तैयार खड़ी अगेती किस्म की धान की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। तेज हवा और बारिश के कारण धान की फसल गिर कर जमीन पकड़ ली है, जिससे पैदावार पर गंभीर असर पड़ेगा। कई जगह ओले पड़ने से दाने झड़ गए हैं। गन्ने की फसल भी तेज तूफान के कारण खेत में गिर गई है। गन्ना जमीन पकड़ लेने से उसकी बढ़वार और चीनी परता दोनों प्रभावित होगी और किसानों को चीनी मिलों में भी घटतौली का सामना करना पड़ेगा। सब्जी की फसलें तो पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। लौकी, नेनुआ, भिंडी, बैगन, टमाटर सहित हरी सब्जियों को भारी नुकसान हुआ है। जिस किसान ने कर्ज लेकर किसी तरह फसल तैयार की थी, आखिरी दौर में आई इस आपदा ने उस पर वज्रपात गिरा दिया है। किसानों के सामने अब परिवार चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।