साबिर के परिजनों से सोशलिस्ट किसान सभा ने मुलाक़ात कर जाँच की मांग की
सरायमीर, आजमगढ 18 सितंबर 2026। सोशलिस्ट किसान सभा के प्रतिनिधांडल ने शाहपुर, सदरपुर गांव के मोहम्मद साबिर जिसको पुलिस ने मुठभेड़ में पकड़ने का दावा किया के परिजनों से मुलाक़ात की। प्रतिमंडल में किसान नेता राजीव यादव, कलीम जमाई, पूर्व फौजी जय प्रकाश सिंह, डाक्टर राजेन्द्र यादव, जुल्फेकार, अवधेश यादव, नंदलाल यादव और दुर्गा यादव शामिल थे।
प्रतिनिधि मंडल को पच्चीस वर्षीय साबिर के परिजनों ने बताया कि 8 सितंबर 2026 की सुबह 9 बजे के करीब पुलिस गांव में आई और पूछताछ के लिए साबिर को उठाकर ले गई। पुलिस ने कई घरों की तलाशी की खासतौर पर किसके यहां क्या खाना बना है, किसकी फ्रिज में क्या है। पुलिस का कहना था कि उसी सुबह नदी किनारे मिले गौवंश के अवशेष को लेकर यह कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के 9 सितंबर की रात में साबिर को मुठभेड़ में पकड़ने के दौरान उसके पैर में गोली लगने के दावे को परिजनों ने बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि जब उसे पुलिस ने सुबह उठाकर थाने में रखा था तो कैसे मुठभेड़ हो गई। गौरतलब है कि अनाथ साबिर अपनी नानी के घर रहकर ईंट-गारा की मजदूरी कर जीवन बसर करता था। इसके बाद गांव के ही सैफ, आजम, असजद को भी पुलिस ने उठा लिया।
परिजनों ने सवाल किया कि जब साबिर को सुबह पुलिस ने उठा लिया था तो आखिर क्यों उसे कोर्ट में पेश नहीं किया। परिजनों की मांग है कि साबिर को थाने में ले जाते हुए और रात में फिर थाने से जब ले जाया गया, जिसकी सीसीटीवी फुटेज थाने में मौजूद हैं उसे सुरक्षित करते हुए उसे जांच के दायरे में लिया जाए। वहीं सवाल किया कि किस आधार पर सुबह-सुबह हुई घटना के चंद घंटों में कौन सी जांच कर उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने घरों में क्या खाना पका है, क्या फ्रिज में रखा है सबकी तलाशी ली पर कुछ नहीं मिला तो आखिर में किस आधार पर यह आरोप लगा रही है। प्रतिनिधिमंडल ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।