मिसाइल मैन कहे जाने वाले भारत रतन एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी

‘सपने वे नहीं होते, जो आपको रात में सोते समय नींद में आए बल्कि सपने वे होते हैं, जो रात में सोने ही न दें।’

India के 11वें राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम (Dr. APJ Abdul Kalam) को लोग उनके नाम से कम उनका काम से ज्यादा जानते थे। Dr. Kalam को आज 15 October के दिन देश उनके जन्मदिन पर याद कर रहा है।

Dr. Kalam एक प्रेरक व्यक्तित्व थे, उनका पूरा जीवन ही लोगों के लिए एक बड़ी प्रेरणा रहा है। उन्होंने बचपन में अपने परिवार की मदद के लिए अखबार बेचने का काम किया और वहां से missile man बनने तक का सफर तय किया। उनका जन्म एक गरीब परिवार में हुआ था, फिर भी अपनी मेहनत और हुनर से वे देश के मिसाइल मैन (Missile Man) के रूप में जाने गए।

Fighter पायलट का सपना

Kalam का सपना fighter pilot बनने का था। इसके लिए उन्होंने जी जान लगा कर भारतीय वायुसेना में भर्ती की परीक्षा दी और नौवें स्थान पर भी आए, लेकिन उस परीक्षा में केवल 8 उम्मीदवारों का ही चयन होना था। देश के लिए इससे भी बड़ी सेवा करने के बाद वे हमेशा इस घटना को याद करते हुए कहा करते थे। अगर आप फेल होते हैं तो निराश नहीं हों, क्योंकि फेल का मतबल होता है ‘First attempt in learning’
(फर्स्ट अटेम्पट इन लर्निंग)।

Scientist बनने की शुरुआत:

Dr. Kalam ने फिर मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोल़ॉजी से एरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट सर्विस में सदस्यता हासिल करने के बाद वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संस्थान के एरोनॉटिकल डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमैंट में वैज्ञानिक के रूप में जुड़ गए और अपना करियर एक छोटे होवर क्राफ्ट की डिजाइन से किया।

Missile की शुरुआत : 1962 में वे ‘भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन’ में आए। डॉक्टर अब्दुल कलाम को प्रोजेक्ट डायरेक्टर के रूप में भारत का पहला स्वदेशी उपग्रह (SLV3) प्रक्षेपास्त्र बनाने का श्रेय हासिल है। अब्दुल कलाम भारत के मिसाइल कार्यक्रम के जनक माने जाते हैं। 20 साल तक ISRO में काम किया और करीब इतने ही साल तक रक्षा शोध और विकास संगठन (DRDO) में भी रहें।

राष्ट्रपति का सफर : 18 July 2002 को कलाम भारत के 11वें राष्ट्रपति निर्वाचित हुए थे। इन्हें भारतीय जनता पार्टी समर्थित NDA घटक दलों ने अपना उम्मीदवार बनाया था जिसका वामदलों के अलावा समस्त दलों ने समर्थन किया था।

25 July 2002 को उन्होंने संसद भवन के अशोक कक्ष में राष्ट्रपति पद की शपथ ली थी। 25 July 2007 को उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था।27 July 2015 को शिलांग के आईआईएम में एक व्याख्यान देने के दौरान गिरने के बाद निधन हो गया।

By: Tanwi Mishra