एएमयू में यूपी यूके-ऐपीकोन 2026 का उद्घाटन

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी एवं फिजियोलॉजी विभागों द्वारा इंटीग्रेटिंग फिजियोलॉजी एंड फार्माकोलॉजी विषय परयूपी यूकेऐपीकोन 2026 का उद्घाटन प्रारंभिक सत्र एवं प्रीकॉन्फ्रेंस कार्यशालाओं के साथ किया गया।

यह सम्मेलन एडवर्स ड्रग रिएक्शन (एडीआर) रिपोर्टिंग के 37 वर्षों (1989-2026) के दृष्टिगत आयोजित किया है और इसके उद्देशय चिकित्सा अनुसंधान तथा क्लिनिकल प्रैक्टिस में अंतःविषय दृष्टिकोण को बढ़ावा देना है।

मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. नइमा खातून ने अनुसंधान की गुणवत्ता बढ़ाने और क्लिनिकल परिणामों में सुधार के लिए फिजियोलॉजी और फार्माकोलॉजी के समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।

विशिष्ट अतिथि, चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद ने सुरक्षित और प्रभावी रोगी देखभाल सुनिश्चित करने के लिए फिजियोलॉजी और फार्माकोलॉजी के बीच समन्वय की आवश्यकता को रेखांकित किया, जबकि जेएनएमसी के प्राचार्य एवं सीएमएस प्रो. अंजुम परवेज ने कहा कि यह समन्वय साक्ष्यआधारित उपचार प्रणाली की आधारशिला है।

एपीपीआई यूपीयूके की संरक्षक प्रो. सुनीता तिवारी ने चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने में अंतःविषयी शिक्षण की भूमिका पर प्रकाश डाला, जबकि संयुक्त सचिव डॉ. संगीता गुप्ता ने इस सम्मेलन को नवाचार और सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बताया। आयोजन अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद असलम और आयोजन सचिव प्रो. सैयद जियाउर रहमान ने भी उभरती स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान में समन्वित वैज्ञानिक दृष्टिकोण के महत्व पर जोर दिया।

इस अवसर पर लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रो. उषा सिंघल (पूर्व डीन, चिकित्सा संकाय), प्रो. डी.के. अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष, फिजियोलॉजी विभाग), प्रो. राहत अली खान (पूर्व अध्यक्ष, फार्माकोलॉजी विभाग) तथा प्रो. एम. मोबंतंा हुसैन (पूर्व अध्यक्ष, फिजियोलॉजी विभाग) को प्रदान किए गए।

इससे पूर्व दिन में चार प्रीकॉन्फ्रेंस कार्यशालाएँ आयोजित की गईं, जिनमें फार्माकोविजिलेंस एवं मटेरियोविजिलेंस में नवीन प्रगति तथा ब्रेन स्टेम ऑडिटरी इवोक्ड रिस्पॉन्स और नर्व कंडक्शन वेलोसिटी जैसे विषय शामिल थे।

कार्यक्रम का समापन डॉ. तनुज माथुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।