Mukhtar Ansari Death किसी के लिए बाहुबली तो किसी के लिए मसीहा थे पूर्व विधायक – एडवोकेट मुबारक खान

Mukhtar Ansari Death पर ओलमा कौंसिल Ruc के नेता मुबारक खान का बड़ा बयान।

(Rashtriya Ulama Council ) राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल उप्र सचिव एवं बुंदेलखंड प्रभारी एडवोकेट मुबारक खान ने देश की सियासत मे अपनी एक छाप छोड़ने बाले मऊ से पूर्व विधायक रहे शिक्षित और क्रन्तिकारी परिवार से ताल्लुक रखने बाले मुख्तार अंसारी की कल रात बांदा बुंदेलखंड जेल मे काफी समय से कुछ केश मे अंडर ट्रायल चलने के दौरान मौत हो गई जिसमें कुछ दिन पहले स्लो पोइस्न् जहर देने की खबरे सामने आ रही थी जिससे उनकी मौत पर सवाल खड़े हो रहे है कि न्यायिक हिरासत मे रहने के बाबजूद इस तरह से जहर देना फिर अचानक ३,४ दिन मे मौत हो जाना कहीं न् कहीं जेल प्रशासन पर शंका पैदा कर रही है।

Ruc Bundelkhand एडवोकेट मुबारक खान ने कहा कि उनकी पार्टी राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल ने उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की तो वही इस प्रकरण पर न्यायिक जांच की भी माँग करती है जिससे सच सामने आ सके यदि जेलों के अंदर यह होने लगा तो क्या होगा कहीं जजी के अंदर कोई रास्ते मे पुलिस अभिरक्षा मे लगातार देश मे कई मामले सामने आते है कि कैदी को मार दिया गया है ।

राष्ट्रीय ओलमा कौंसिल बुंदेलखंड प्रभारी ने आगे कहा कि आज लोग मुख्तार अंसारी के बारे मे जो अनाब शनाप कह रहे है वो नहीं जानते कि वह एक शिक्षित और सभ्य समाज से थे जिसे कहीं लोग मसीहा मानते थे कई लोगों की मदद के लिए आगे रहने बाला व्यक्ति भले ही अपराधी हो पर नेकदिल इंसान था जो सबकी मदद करता था ।

डाॅ. मुख्तार अहमद अंसारी से लेकर ब्रिगेडियर मोहम्मद उस्मान तक सब अंसारी परिवार से हैं।

आज़ादी के लिए संघर्ष हो या फिर आज़ादी के बाद दुश्मन देश से भारत की ज़मीन को कब्ज़ा मुक्त कराने में इसी परिवार के ब्रिगेडियर उस्मान ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। ब्रिगेडियर उस्मान को नौशेरा का शेर कहा जाता है। पूरे देश मे यह इकलौता ऐसा परिवार है जिसके सबसे ज्यादा सदस्यों ने स्वाधीनता संग्राम में ना सिर्फ हिस्सा लिया, बल्कि अंग्रेज़ों की ग़ुलामी से इस देश को आज़ाद कराने में अहम किरदार निभाया है। इस परिवार के डेढ़ दर्जन से भी अधिक सदस्य स्वतंत्रता सेनानी रहे हैं। आज मुख्तार अंसारी के निधन पर अनाप शनाप टिप्पणी करने वाले लोग नासमझ हैं या मुख्तार के परिवार के योगदान से अनजान हैं, या फिर वो कुंठा और नफ़रती कोढ़ से ग्रस्त हो चुके हैं।

रहा मुख्तार अन्सारी का उन्होंने जो अपराध किए उनकी सजा कुछ केश मे काट रहे थे कुछ अंडर ट्रायल चल रहे तो कुछ मे बरी भी हुए इसका मतलब यह नहीं की किसी को भी गुंडा या अपराधक व्यक्ति के नाम से भी जोड़ दिया जाए उनके परिवार की इस देश के प्रति समर्पण आज पूरे देश मे किसी भी परिवार के पास जीवित नहीं है स्वतन्त्रता के पहले आज तक देशहित मे उनका पूरा परिवार समर्पित है आज गन्दी राजनीति के चलते एक समुदाय विशेष के नाम से उन्हें टारगेट किया गया जाना गलत है वरना एक से एक आपराधिक प्रवृत्तियों के रसूबदार सबूतों के होने के बाबजूद लावारिसों की तरह घूम रहे है जिन्हें आँख उठाकर देखने की हिम्मत नहीं पड़ती ।

Ruc नेता मुबारक खान ने कहा जो अपराधी है उसे सजा मिलेगी बस समय का बात है आज उनका था सजा काटी कैसे क्या मौत हुई यह उनके परिवार के लोग,जेल प्रशासन डाक्टरी रिपोर्ट तय करेंगे लेकिन एक जातिबश किसी व्यक्ति को ट्रोल करना उससे बड़ा गुनाह है जिसे ईश्वर माफ़ नहीं कर सकता ।