AIMIM का लखनऊ में पहला राज्य अधिवेशन, भाजपा सरकार की नीतियों पर निशाना
लखनऊ में आज ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का पहला राज्य स्तरीय अधिवेशन के लिए प्रेस वार्ता आयोजित हुआ। प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि सरकार की जातिवादी और मुस्लिम विरोधी नीतियों के खिलाफ यह अधिवेशन जरूरी था। अधिवेशन में मॉब लिंचिंग, लव जिहाद कानून, बुलडोजर नीति और मुस्लिम आरक्षण जैसे मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए। पार्टी ने सरकार पर बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में विफलता का भी आरोप लगाया। 14 जून 2025 को उत्तर प्रदेश के सभी जिले के कार्यकर्ता और नेता पहुंचेंगे लखनऊ.
उत्तर प्रदेश में AIMIM का पहला राज्य अधिवेशन, सरकार की नीतियों पर खुला हमला
लखनऊ, 13 जून 2025: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का उत्तर प्रदेश में पहला राज्य अधिवेशन 14 जून को लखनऊ के गांधी भवन में आयोजित होने जा रहा है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने प्रेस को संबोधित करते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने अनुसूचित जातियों, मुसलमानों और आम नागरिकों के खिलाफ एक योजनाबद्ध तरीके से भेदभावपूर्ण और दमनकारी नीतियाँ लागू की हैं। उन्होंने दावा किया कि धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई, मांस व्यापार पर हमले, और ‘लव जिहाद’ जैसे कानूनों का मकसद एक विशेष समुदाय को निशाना बनाना है।
अधिवेशन में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए जाएंगे:
- भीड़ हिंसा (मॉब लिंचिंग) की बढ़ती घटनाएं
- बुलडोजर की राजनीति और कानून का दुरुपयोग
- धार्मिक स्थलों पर सरकारी दखल
- ‘लव जिहाद’ कानून की आलोचना
- मांस व्यवसायियों पर कार्रवाई
- सच्चर कमेटी की सिफारिशों के अनुसार मुस्लिम आरक्षण की मांग
- शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी और सरकारी भ्रष्टाचार पर प्रदेश सरकार की विफलता
उत्तर प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने कहा कि AIMIM संविधानिक मूल्यों, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा के लिए समर्पित है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी का उद्देश्य सभी वंचित और शोषित तबकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
AIMIM के इस अधिवेशन को प्रदेश की राजनीति में एक अहम मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहाँ राम राज्य के नाम पर भारतीय जनता पार्टी सरकार की नीतियों के विरुद्ध मजबूत जनआंदोलन की शुरुआत हो सकती है।