बहू ने सास को पुस्तैनी घर से निकाला, विधवा मां ने संत निवास में ली शरण – इंसाफ के लिए मीडिया से लगाई गुहार

शेरकोट (बिजनौर)

पारिवारिक रिश्तों की मर्यादा उस वक्त तार-तार हो गई जब एक बहू ने अपनी ही सास को पुस्तैनी मकान से निकालकर दर-दर भटकने को मजबूर कर दिया। मामला शेरकोट के मोहल्ला शेखान का है, जहां रहने वाली 70 वर्षीय श्री मति विजय बाईं जैन ने मीडिया के सामने इंसाफ की गुहार लगाते हुए अपनी व्यथा सुनाई।

विजय बाईं जैन के चार बेटे और एक बेटी हैं। उनके बेटे संजय जैन का निधन हो चुका है, जबकि बाकी तीन बेटे – राजीव, नीरज और रितेश – अपने-अपने परिवारों के साथ काम की वजह से शहर से बाहर रहते हैं। बेटी प्रतिभा की शादी हो चुकी है।

विजय बाईं अपने परिवार के पुस्तैनी मकान में रहती थीं, लेकिन हाल ही में उनके बड़े बेटे की बहू ने घर पर कब्ज़ा कर लिया और किसी को भी अंदर आने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, सास का सामान घर से बाहर फेंक दिया गया, जिससे उन्हें मोहल्ले में स्थित संत निवास में शरण लेनी पड़ी।

पीड़िता ने इस संबंध में शेरकोट थाने में शिकायत दर्ज कराई और तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र सौंपा, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। न्याय न मिलने से आहत होकर विजय बाईं ने अब मीडिया के जरिए अपनी बात आम जनता और प्रशासन तक पहुंचाई है।

जब मीडिया ने बहू अनुराधा जैन से संपर्क करने की कोशिश की, तो उनके बेटे ने बताया कि वह फिलहाल बाहर हैं।

पीड़ित सास की आंखों में आंसू और आवाज़ में दर्द साफ झलक रहा था। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उन्हें न्याय मिले और पुस्तैनी घर में दोबारा रहने का अधिकार दिया जाए।