हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह के सज्जादानशीन सैयद मोहम्मद निज़ामी का इंतक़ाल, गीजर ब्लास्ट बना वजह
दिल्ली स्थित सूफी संत हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह के सज्जादानशीन और खानकाह निज़ामिया के प्रमुख सैयद मोहम्मद निज़ामी का मंगलवार को इंतक़ाल हो गया। बताया जा रहा है कि उनके आवास के बाथरूम में गीजर फटने की घटना के बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका।
परिजनों के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब वे अपने निजी आवास में मौजूद थे। गीजर में अचानक तकनीकी खराबी के कारण विस्फोट हुआ, जिससे वे गंभीर रूप से झुलस गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस दुखद घटना से दरगाह से जुड़े लोगों, मुरीदों और श्रद्धालुओं में शोक की लहर फैल गई है।
सैयद मोहम्मद निज़ामी एक प्रतिष्ठित सूफी परिवार से ताल्लुक रखते थे और वर्षों से हज़रत निज़ामुद्दीन दरगाह की धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का नेतृत्व कर रहे थे। वे देश-विदेश में सूफी परंपरा, आपसी भाईचारे और अमन-ओ-मोहब्बत के पैगाम के लिए जाने जाते थे।

उनके इंतक़ाल की खबर मिलते ही दरगाह परिसर में बड़ी संख्या में अकीदतमंद जमा होने लगे। धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक जगत की कई हस्तियों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है और इसे सूफी परंपरा के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने घटना की जानकारी लेकर तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर इसे घरेलू दुर्घटना माना जा रहा है, हालांकि गीजर में विस्फोट के कारणों की जांच की जा रही है।
सैयद मोहम्मद निज़ामी का जनाज़ा परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ अदा किया जाएगा। उनके इंतक़ाल से सूफी जगत में एक ऐसा खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।