Valentine Day की शुरुआत तीसरी सदी के रोम से मानी जाती है। कहा जाता है कि रोमन सम्राट Claudius II ने सैनिकों की शादी पर रोक लगा दी थी। संत Saint Valentine ने प्रेमी जोड़ों की गुपचुप शादियां कराईं, जिसके कारण उन्हें फांसी दी गई। उनकी याद में 14 फरवरी को Valentine Day मनाया जाता है।
भारत में 1990 के दशक के बाद सैटेलाइट टीवी और ग्लोबल कल्चर के प्रभाव से यह ट्रेंड बढ़ा। पहले यह मुंबई-दिल्ली जैसे बड़े शहरों तक सीमित था, लेकिन अब सोशल मीडिया और ऑनलाइन शॉपिंग की वजह से छोटे शहरों तक भी इसका क्रेज पहुंच चुका है।
Valentine Day क्यों मनाया जाता है? जानिए संत वैलेंटाइन की कहानी और भारत में इसका ट्रेंड

वैलेंटाइन डे हर साल 14 फरवरी को प्रेम और स्नेह के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इसकी जड़ें तीसरी सदी के रोम से जुड़ी मानी जाती हैं। कहा जाता है कि उस समय रोमन सम्राट Claudius II ने सैनिकों की शादी पर रोक लगा दी थी। संत Saint Valentine ने प्रेमी जोड़ों की गुपचुप शादियां कराईं, जिसके कारण उन्हें फांसी दे दी गई। बाद में उनके सम्मान में 14 फरवरी को “वैलेंटाइन डे” मनाया जाने लगा।
भारत में यह चलन 1990 के दशक के बाद, खासकर सैटेलाइट टीवी और वैश्वीकरण के दौर में बढ़ा। शुरुआत में यह ट्रेंड मुंबई, दिल्ली, बेंगलुरु जैसे टियर-1 शहरों तक सीमित था, लेकिन सोशल मीडिया और ई-कॉमर्स के प्रभाव से अब छोटे शहरों और कस्बों तक भी इसका क्रेज पहुंच चुका है। युवा पीढ़ी इसे प्रेम, दोस्ती और रिश्तों के इजहार के दिन के रूप में देखती है।