एएमयू के प्रो. अली नवाज जैदी ने अंतर्राष्ट्रीय विधि संगोष्ठी में भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कानूनी ढांचे पर जोर दिया
अलीगढ़, 21 सितंबरः ग्वालियर के प्रेस्टिज इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड रिसर्च के विधि विभाग की ओर से स्वर्गीय न्यायमूर्ति एम. ए. शाह की स्मृति में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय विधि संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय “भविष्य का संचालनः कानून, प्रौद्योगिकी, सतत विकास, शासन और आर्थिक विकास के अंतर्विषयक मार्ग” था।
संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि विभाग के प्रो. एस. अली नवाज जैदी ने कानून और समाज पर प्रौद्योगिकी के बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि तेजी से हो रहे तकनीकी बदलावों के लिए गतिशील, विभिन्न विषयों को जोड़ने वाले और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कानूनी ढांचे की आवश्यकता है।
प्रो. जैदी ने कानून को प्रौद्योगिकी, सतत विकास, शासन और आर्थिक विकास से जोड़ने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे कानूनी व्यवस्था बदलती परिस्थितियों के प्रति अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकेगी और शासन व्यवस्था मजबूत होगी। उन्होंने विधि संस्थानों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों से नई प्रौद्योगिकियों को समझने तथा नैतिक, समावेशी और जवाबदेह कानूनी व्यवस्था के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
दो दिवसीय संगोष्ठी में शिक्षाविदों, कानून विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान कानून, प्रौद्योगिकी, सतत विकास, शासन और आर्थिक विकास के आपसी संबंधों से जुड़े उभरते विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।